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रामचरित मानस पर देवकी नंदन महाराज बोले:रामायण विवाद का नहीं बल्कि ज्ञान का विषय, सनातन एकता के लिए लखनऊ में निकालेंगे यात्रा

ByVijay Singhal

Feb 5, 2023
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल

लखनऊ के रामलीला मैदान में आयोजित श्रीमद्भागवत देवकी नंदन महाराज ने कहा कि रामायण सर्वजन का हित करने की शिक्षा प्रदान करती है । भगवान श्रीराम का जीवन चरित ‘भेद’ मिटाना सिखाता है, करना नहीं । देवकी नंदन महाराज ने कहा कि रामायण विवाद का नहीं, अपितु ज्ञान का विषय है। भागवत कथा प्रवचन के दौरान उन्होंने कहा कि रामायण-गीता प्रत्येक सनातनी हिंदु के पवित्र ग्रंथ हैं । इन्हें भगवान का स्वरूप मानते हैं । यह जानते हुये भी कुछ लोग यदि अपनी राजनैतिक महत्वाकांक्षाओं के लिये श्री राम चरित मानस की प्रतियां जलाने का कार्य करते हैं तो यह समाज को विघटन करने के साथ ही लोगों की भावनाओं को जान बूझकर भड़काने का कार्य है । ऐसे विघटनकारी उद्देश्यों पर तुरन्त रोक लगनी चाहिये। श्रीराम चरित मानस को लेकर स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा दिए गए आपत्ति जनक बयान के बाद वह भगवान राम को मानने वालों के निशाने पर हैं। श्रीराम को सनातन धर्म का आर्दश बताते हुये धर्म गुरू देवकी नंदन महाराज ने राम चरित मानस की चौपाइयों पर राजनीति को दुर्भाग्यपूर्ण बताया । उन्होंने कहा कि वर्तमान में स्वार्थ वश कुछ लोगों द्वारा मानस के शब्दों एवं प्रसंगों का अपने मन मर्जी से दुरूपयोग करते हुये गलत व्याख्या कर भ्रम फैलाया जा रहा है । शब्दों के ‘भेद’ को समझेंगे तो मन के ‘भेद’ मिट जायेंगे । सनातनी एकजुटता प्रदर्शित करते हुये रविवार को वह लखनऊ में सनातन यात्रा निकालेंगे। धर्म गुरू देवकी नंदन महाराज ने बताया कि पुरातन ग्रंथों में लिखे गये प्रसंगों में शब्दों के विभिन्न अर्थ हैं। साहित्य में एक ही शब्द के विभिन्न अर्थों में प्रयोग हो सकते हैं । इनका उद्देश्य कभी भी नकारात्मक नहीं होता । ‘‘ढोल गवांर शुद्र पशु नारी, सकल ताड़ना के अधिकारी’’ चौपाई का अर्थ बताते हुये देवकी नंदन महाराज ने कहा कि ‘ताड़ना’ शब्द का अर्थ उचित प्रकार से, प्रयोग, समझना-शिक्षा, देखभाल व सानिध्य के रूप में किया गया है, न कि किसी को पीटने या दण्ड देने की दृष्टि से. उन्होंने कहा कि सभी सनातनी एक हैं । हमें बाँटने वाले प्रयासों से दूर रहकर अपने आपसी प्रेम को प्रगाढ़ करना चाहिये । हमारे यहाँ सम्मानित ऋषि वाल्मिक जी हैं, रैदास जी आदरणीय हैं , शबरी माता को आज भी सनातनी माँ कहते हैं, निषाद राज केवट को भगवान श्रीराम अपने हृदय से लगाते हैं। आयोजन सचिव विजय शर्मा ने बताया कि सभी सनातनियों की एकजुटता का संदेश देते हुये हुये रविवार सांय 4.30 बजे से एक ‘सनातन यात्रा’ निकाली जायेगी । यह यात्रा कथा स्थल रामलीला मैदान, दशहरा ग्राउण्ड, शनिदेव मंदिर से पराग चैराहा, राम मनोहर लोहिया संस्थान होते हुये पावर हाउस चौराहा नाबाई, लोकबंधु चौराहा , स्प्रिंवाडेल कॉलेज से होते हुये वापस रामलीला मैदान तक आयेगी ।

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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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