हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। गोवर्धन में गौ सेवा के लिए पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित जर्मन मूल की गौ सेविका इरिना ब्रुनिंग फेड्रिक सुदेवी दासी ने गौशाला के हालात पर नाराजगी जताई। बीमारी से गौवंशों की मौत होने का आरोप लगाया। विरोध में एक मृत गाय को नगर पंचायत कार्यालय के परिसर में फेंक दिया। गो सेविका के आरोप है कि गोशाला में करीब 2800 गौवंश की सेवा चल रही है। यहां प्रतिदिन बीमारी के चलते 15-20 गौवंशों की मौत हो रही है। उन्हें समाधि देने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। प्रशासन से सहयोग नहीं मिल रहा है। इरिना ब्रुनिंग फेड्रिक सुदेवी दासी 1978 में पहली बार भारत में ब्रज भ्रमण पर आई थी। इसके बाद वह राधा-कृष्ण की लीलाओं में उत्साहित हो गई, ब्रज में रहकर गौवंश की सेवा करने लगीं। गौवंश की सेवा में एसी रम गई कि वह जर्मन मूल को भूल गई। वीजा अड़चनों को दूर करने के लिए जर्मन जाती थी, यह दौर कई सालों तक चला। प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनी तो सुदेवी दासी की अड़चन खत्म हो गई। 2019 में सुदेवी को तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गो सेवा के लिए पद्मश्री देकर सम्मानित किया। इसके बाद मथुरा जिला प्रशासन ने मुखराई में गोशाला के लिए बीस बीघा जमीन दी। गौ समाधि के लिए पाडल मार्ग पर एक बीघा जमीन दिलाई। मृत गौवंश की संख्या में इजाफा होने पर जमीन कम पड़ी, इसके लिए एसडीएम गोवर्धन को अवगत कराया गया। आरोप है कि प्रशासन ने कोई सुनवाई नहीं की।

इससे आहत होकर बृहस्पतिवार को सुदेवी ने मृत गोवंश को राधाकुंड नगर पंचायत में डलवा कर प्रशासन पर अनदेखी के आरोप लगाए। सुदेवी दासी ने बताया गोशाला में 2800 गोवंश की सेवा चल रही है। प्रतिदिन 30 गोवंश चोटिल व बीमारी से पीड़ित आती हैं। इसमें 15 से 20 गोवंश की मौत प्रतिदिन हो जाती है। समाधि के लिए कोई जगह नहीं है। प्रशासन मृतक गाय की समाधि के जगह दिलाई जाए।
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Author: Vijay Singhal
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