हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा, जयगुरुदेव आश्रम में आयोजित तीन दिवसीय होली सत्संग मेला में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है। देश के विभिन्न हिस्सों से जयगुरुदेव के अनुयायी यहां पहुंचे हैं। हजारों लोग आश्रम में ही रह रहे हैं। यहीं उनका रहना, खाना पीना है। सत्संग मंगलवार से शुरू हो गया। पहले दिन राष्ट्रीय उपदेशक बाबूराम ने बताया कि प्रारम्भिक समय में अपने खुशियों को प्रतीक रूप में प्रकट करने के रूप में होली शुरू हुई। इसके द्वारा लोगों में सामाजिक चेतना जागृति कर प्रेम और सौहार्द कायम रखा गया। ब्रज में तरह-तरह से होली खेली जाती है। गुरु महाराज बाबा जयगुरुदेव महाराज ने होली के विकृत स्वरूप में सुधार कर मर्यादित होली खेलने की परम्परा की शुरुआत की।
जयगुरुदेव आश्रम में पुरुष-पुरुषों को और महिलायें-महिलाओं को ब्रज की पावन रज को माथे पर लगा कर, गले मिलकर और एक-दूसरे से भूल-चूक की माफी मांगते हैं। इस त्योहार पर बुराईयों को छोड़ने का और पुनः गलती नहीं करने का संकल्प लेते हैं। राष्ट्रीय उपदेशक सतीश चन्द ने बताया कि कलयुग में सुरत शब्द योग साधना से जीवों का कल्याण होगा। ‘जयगुरुदेव’ समय का जगाया हुआ नाम है। मेले में श्रद्धालुओं के आने का क्रम जारी है। उत्तर प्रदेष के विभिन्न जिलों, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, झारखण्ड, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, महाराष्ट्र , गुजरात और नेपाल राष्ट्र आदि जगहों से भारी संख्या में श्रद्धालु आये हुये हैं। सभी जिलों एवं प्रांतों के भोजन भण्डारों में लोगों की भीड़ लगी हुई है। 4 मार्च को सुबह मंदिर में पूजन का कार्य प्रारम्भ हो जायेगा। इस दिन संस्था प्रमुख पंकज महाराज का सत्संग व नामदान प्रातः 6:30 बजे से होगा।
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Author: Vijay Singhal
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