इससे पहले संत-महंतों ने गांधी पार्क के बाहर ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर के समर्थन में नारेबाजी की। नगर निगम जोन कार्यालय में सिटी मजिस्ट्रेट सौरभ दुबे, एसडीएम अजय जैन, अपर नगर आयुक्त क्रांतिशेखर सिंह, सीओ सदर प्रवीण कुमार मलिक के साथ बैठक हुई। इसमें संतों ने बांकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर के निर्माण को आज की आवश्यकता बताते हुए समर्थन दिया। उत्तर प्रदेश अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत हरिशंकर दास नागा ने कहा कि कॉरिडोर बनाने का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जो प्रस्ताव है, संत समाज उसका समर्थन करता है। कॉरिडोर आज के समय की मांग है और इसके बनने से श्रद्धालुओं को सुविधा होगी। महंत रामस्वरूप दास ब्रह्मचारी ने कहा कि कॉरिडोर बने, लेकिन इससे प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा दिया जाए। महंत हेमकांतदास ने कहा कि मंदिर क्षेत्र के सर्किल रेट कम किए गए हैं, प्रभावित लोगों को बाजार मूल्य के हिसाब से मुआवजा मिले, जिससे भरपाई हो सके। महंत सुंदरदास, महंत रामेश्वरदास, महंत अशोक दास, स्वामी ब्रजानंद सरस्वती, महंत घनश्याम पुरी, महंत रामकुमार दास, महंत विशंभर दास, महंत प्रियाशरण दास, महंत बालक दास, महंत बिहारीशरण देवाचार्य, वंशीवट पीठाधीश्वर जयराम दास, महंत नारायणदास, महंत संतोष पुरी, स्वामी गणेशानंद आदि मौजूद रहे।
कॉरिडोर के विरोध में गांधी पार्क में प्रदर्शन
वृंदावन। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के कॉरिडोर को लेकर स्थानीय लोगों का विरोध मंगलवार को भी रहा। कॉरिडोर से प्रभावित ब्रजवासी एकत्रित होकर गांधी पार्क पहुंचे। यहां शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। याद दिलाया कि मंदिर को तोड़कर कॉरिडोर बनाना समस्या का कोई हल नहीं है। लोगों ने कहा कि बिहारी जी मंदिर में भीड़ होती है और कल को अन्य किसी मंदिर में भीड़ होने लगी तो वहां भी क्या कॉरिडोर बनाएगी सरकार। कॉरिडोर बनाने की स्थिति में वृंदावन का एक मंदिर सभी मंदिरों से अलग हो जाएगा और वृंदावन की संस्कृति और अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। सरकार यदि कॉरिडोर बनाना चाहती है तो इसको कहीं और ले जाकर बनाए। विरोध करने वालों में सोहनलाल मिश्रा, रुकमणी रमन गोस्वामी, पुरुषोत्तम शर्मा, पवन बिहारी, राजेश शर्मा, यश गौतम, मोनू शर्मा, सुमित मिश्र, बबलू शर्मा, मदन, मनमोहन गोस्वामी, राहुल शुक्ला, गप्पी गोस्वामी, भोला, दीपक पाराशर आदि शामिल थे।
