हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज़ चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन के ठाकुर मदन मोहन मंदिर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने कैमिकल प्रिजर्वेशन का कार्य शुरू कर दिया है। मंदिर में पहली बार केमिकल प्रिजर्वेशन की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इस काम में करीब 16 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। एएसआई की रसायन शाखा की टीम ने मंदिर की दीवारों की सफाई और सतह परीक्षण कर कार्य शुरू किया है। वर्षों से प्रदूषण, धूल और कालिख के कारण काले पड़ चुके लाल बलुआ पत्थर की दीवारों को अब वैज्ञानिक विधि से साफ कर उनका मूल स्वरूप पुनर्स्थापित किया जाएगा। मंदिर के ऊपरी हिस्से से लेकर आधार तक जमा काली परत को हटाने के लिए विशेष रासायनिक घोल और संरक्षक पदार्थों का इस्तेमाल किया जा रहा है। एएसआई के विशेषज्ञ रसायनविद पूरे कार्य की निगरानी कर रहे हैं, ताकि पत्थरों की मजबूती और ऐतिहासिक संरचना को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे। ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण की बड़ी पहल मदन मोहन मंदिर वृंदावन के सबसे प्राचीन और पूजनीय मंदिरों में से एक है। इसका निर्माण संवत 1647 में हुआ था और इसका गहरा संबंध चैतन्य महाप्रभु की परंपरा से माना जाता है। कहा जाता है कि उनके शिष्यों ने यहां ठाकुर मदन मोहन जी की प्रतिष्ठा की थी।
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Author: Vijay Singhal
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