हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। मथुरा-वृंदावन के बीच रेल ट्रैक हटाकर इस पर फोरलेन सड़क मार्ग बनाने का सीएम योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया। लेकिन यह काम एक-दो दिन में नहीं हुआ। ब्रजवासियों ने चार साल संघर्ष किया। सैकड़ों पत्राचार किए। आंदोलन की हुंकार भरी। लखनऊ-दिल्ली तक चक्कर लगाए। अब मेहनत रंग लाई तो ब्रजवासी उत्साहित हैं। कहते हैं यह फोरलेन केवल सड़क नहीं है, मथुरा-वृंदावन की तरक्की का नया मार्ग है। अर्थव्यवस्था को पंख तो लगेंगे ही 70 प्रतिशत तक जाम की समस्या से भी निजात मिलेगी। मथुरा-वृंदावन का रेल ट्रैक करीब 150 वर्ष पुराना है। करीब दो दशक पहले यहां से ट्रेन का आवागमन बंद कर दिया गया। इसके बाद रेल बस का संचालन किया गया। मथुरा जंक्शन से वृंदावन तक रेल बस से यात्री आते-जाते थे। वर्ष 2022 में रेलवे ने इस रेल ट्रैक को ब्राडगेज करने की योजना बनाई और मथुरा से वृंदावन के बीच हर 15 मिनट में ट्रेन चलाने की कार्ययोजना तैयार की। लेकिन ट्रैक पर कई स्थानों पर अंडरपास और फुट ओवरब्रिज बनाए जाने थे। इससे शहर दो हिस्सों में बंट जाता। शहर का विकास रुकता, जलभराव और जाम की समस्या अलग होती। ब्रजवासियों ने इस मर्म को समझा और फिर आंदोलन की हुंकार भर दी। तर्क किया कि इस पर सड़क बनाई जाए। भविष्य में एलिवेटेड मेट्रो रेल ट्रैक बनाया जा सकता है। सांसद हेमा मालिनी की पहल पर रेल अधिकारियों से वार्ता हुई। कई दौर की वार्ता और सैकड़ों पत्राचार के बाद आखिर वर्ष 2025 में रेलवे ने रेल ट्रैक को स्थाई रूप से बंद करने की घोषणा कर दी। इस पर तब से सड़क बनाने की मांग हो रही थी। लोक निर्माण विभाग को रेलवे ने भूमि भी हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की है। सीएम योगी ने इस पर फोरलेन सड़क बनाने के निर्देश दिए। सीएम की यह पहल ब्रज के विकास के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण है। नेशनल चैंबर के अध्यक्ष राजीव ब्रजवासी, होटल कारोबारी सोनल अग्रवाल, शशिभानु गर्ग समेत प्रमख लोगों का कहना है कि यह तरक्की का नया मार्ग होगा।
