हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। शहर में पेयजल की समस्या लेकर गए दर्जनों पार्षदों की जलकल विभाग के महाप्रबंधक से नोकझोंक हो गई। मामला यहां तक बढ़ गया कि मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत कराया गया। इस मामले में पार्षदों की ओर से नगर आयुक्त को लिखित शिकायत दी गई है। जैसे-जैसे मौसम का तापमान बढ़ रहा है, वैसे-वैसे शहर में पेयजल की समस्या भी बढ़ रही है। शहर के कई वार्डों में पेयजल की समस्या चरमराई हुई है। इसी समस्या को लेकर करीब तीस-चालीस पार्षद पहले नगर निगम मथुरा-वृंदावन के जनरलगंज स्थित कार्यालय पहुंचे। यहां नगर आयुक्त शशांक चौधरी ने उनको कहा कि यह समस्या जलकल से संबंधित है, इसलिए कृष्णानगर स्थित जलकल कार्यालय जाने को कहा। पार्षद जलकल कार्यालय पहुंचे। यहां जीएम जलकल अरुणेंद्र राजपूत को समस्या बताई। आरोप लगाया कि अधिकारी सुन नहीं रहे। पाइप लाइन फट रही हैं, लीकेज तक ठीक नहीं हो पा रही है। यहां तक कि पेयजल के लिए टैंकर तक भेजने में अनुमति का पेंच फंसा दिया गया है। यहां समस्या बताते बताते मामला गरमा गया और देखते ही देखते बातचीत नोकझोंक में बदल गई। कहीं कोई ज्यादा बात न बढ़ जाए, इसी बीच किसी ने पुलिस को इसकी सूचना दे दी। इस पर कोतवाली प्रभारी, कृष्णानगर चौकी इंचार्ज आदि मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसी तरह बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। जीएम जलकल से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कई बार कॉल के बाद भी फोन नहीं उठाया। पार्षद भी इस मामले में कुछ कहने से बचते नजर आए। शशांक चौधरी, नगर आयुक्त, ने बताया जलकल विभाग के अधिकारियों और पार्षदों के विवाद की जानकारी मिली थी। वहां अधिकारियों को भेजा गया, जिसके बाद मामला शांत करा दिया गया।
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Author: Vijay Singhal
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