हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। देश की अर्थ व्यवस्था को खोखला करने के लिए नकली नोटों के अवैध धंधे को चीन की कंपनी गंजाओ बॉड्रे द्वारा संचालित किया जा रहा है। कंपनी के द्वारा अली बाबा डॉट कॉम मल्टी उत्पाद कंपनी के माध्यम से उन लोगों से संपर्क किया जाता है जो नकली नोटों के कारोबार को करना चाहते हैं। कंपनी व्हाट्स एप पर उनके संपर्क मेें आ जाती थी। मथुरा। खटीक मोहल्ला बरवाड़ा चौक सवाई माधोपुर के टैक्सी चालक और गैंग के सरगना कजीमुल्ला काजी ने पूछताछ में बताया कि 2018 में उसके घर के पास एक होटल का निर्माण चल रहा था। ठेकेदार मालदा पश्चिम बंगाल निवासी सनाउल था। सनाउल ने कजीमुल्ला का मकान मजदूरों के लिए किराए पर लिया था। दोस्ती के बाद नकली नोटों के कारोबार में लिप्त हो गए। सनाउल ने टैक्सी चालक की मालदा पश्चिम बंगाल ले जाकर गिरोह के अन्य लोगों से जान पहचान कराई। कलीमुल्ला को जब मोटा मुनाफा होने लगा तो उसने भांजे सिविल इंजीनियर मोहम्मद तकीम को भी गिरोह में मिला लिया। वह मालदा से नकली नोट लाकर चलाने लगा।
जब कजीमुल्ला ने नया गिरोह बनाने की इच्छा जाहिर की तो सनाउला ने उसे नकली नोट बनाने के काम में आने वाले सिक्योरिटी पेपर बनाने वाली कंपनी की जानकारी दी। अब कजीमुल्ला सीधा कंपनी से जुड़ गया और नकली नोटों के लिए खुद ही सिक्योरिटी पेपर मंगाता और बनारस के रहने वाले गिरोह के सदस्य रौनक उर्फ मुकेश से छपाई करवा कर देश भर के बाजार में चलाने लगा। जीआरपी ने गिरोह में चीन की कंपनी गंजाओ बॉंड्रे को भी आरोपी बनाकर केस दर्ज किया है। एक सिक्योरिटी पेपर में दो नोट बनते थे
एक सिक्योरिटी पेपर से केवल दो 500-500 के ही नोट बनाए जा सकते हैं। इसमें सिक्योरिटी थ्रेड पाया जाता है। साथ ही जो हरा रंग पांच सौ के नोट पर होता है, वह भी मिलता है। यहां तक गांधीजी का वाटर मार्ट भी इस पांच सौ के नोट के ऊपर पाया जाता है। जिससे यह पेपर जल्द ही ऐसे नकली नोट में बदल जाता है, जिसको पकड़ना आसान नहीं है। असली नोट में कुछ रुखापन पाया जाता है जबकि नकली नोट एक दम चिकना होता है। दो हजार का नोट भी बनाने का प्रयास अभियुक्तों के पास से एक दो हजार का नोट भी पकड़ा है। यह नोट एक तरफ से बना हुआ है । दो हजार रुपये का नोट बनाने वाला सिक्योरिटी पेपर भी गिरोह के पास मौजूद मिला। पकड़े गए सभी नोटों के सैंपल जांच के लिए हैदराबाद लैब को भेजे जाएंगे। जीआरपी एसपी मोहम्मद मुश्ताक ने बताया कि पूरे मामले के लिए बनारस, मालदा पश्चिम बंगाल, राजस्थान तथा अन्य स्थानों पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रहीं हैं। जांच के लिए एक निरीक्षक, तीन उपनिरीक्षक व कांस्टेबिल की जांच तैयार की गई है। यूपी एटीएस, आईबी, इंटेलीजेंस व अन्य जांच एजेंसियां भी जुट गई हैं। गिरोह पकड़ने वाली टीम के प्रभारी निरीक्षक जीआरपी प्रभारी विकास सक्सेना, उपनिरीक्षक सर्वेश कुमार, जयदीप सिंह हैड कांस्टेबल, रवि शंकर, विपिन कुमार, लोकेश कुमार, सुरजीत सिंह, आनंद कुमार, कुंवरवीर सिंह की टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया है। कोच अटेंडर करता था ट्रेन में नकली नोटों की रखवाली ट्रेन में नकली नोटों को सुरिक्षत रखने का काम गिरफ्तार हुआ कोच अटेंडर कटिहार पटना बिहार निवासी धर्मेेंद्र करता था। धर्मेंद्र इस काम के बदले में मोटी धनराशि लेता था। ट्रेन में नकली नोटों की खेप या फिर सिक्योरिटी पेपर अटेंडर अपने कोच में रखवा लेता था।
जब कजीमुल्ला ने नया गिरोह बनाने की इच्छा जाहिर की तो सनाउला ने उसे नकली नोट बनाने के काम में आने वाले सिक्योरिटी पेपर बनाने वाली कंपनी की जानकारी दी। अब कजीमुल्ला सीधा कंपनी से जुड़ गया और नकली नोटों के लिए खुद ही सिक्योरिटी पेपर मंगाता और बनारस के रहने वाले गिरोह के सदस्य रौनक उर्फ मुकेश से छपाई करवा कर देश भर के बाजार में चलाने लगा। जीआरपी ने गिरोह में चीन की कंपनी गंजाओ बॉंड्रे को भी आरोपी बनाकर केस दर्ज किया है। एक सिक्योरिटी पेपर में दो नोट बनते थे
एक सिक्योरिटी पेपर से केवल दो 500-500 के ही नोट बनाए जा सकते हैं। इसमें सिक्योरिटी थ्रेड पाया जाता है। साथ ही जो हरा रंग पांच सौ के नोट पर होता है, वह भी मिलता है। यहां तक गांधीजी का वाटर मार्ट भी इस पांच सौ के नोट के ऊपर पाया जाता है। जिससे यह पेपर जल्द ही ऐसे नकली नोट में बदल जाता है, जिसको पकड़ना आसान नहीं है। असली नोट में कुछ रुखापन पाया जाता है जबकि नकली नोट एक दम चिकना होता है। दो हजार का नोट भी बनाने का प्रयास अभियुक्तों के पास से एक दो हजार का नोट भी पकड़ा है। यह नोट एक तरफ से बना हुआ है । दो हजार रुपये का नोट बनाने वाला सिक्योरिटी पेपर भी गिरोह के पास मौजूद मिला। पकड़े गए सभी नोटों के सैंपल जांच के लिए हैदराबाद लैब को भेजे जाएंगे। जीआरपी एसपी मोहम्मद मुश्ताक ने बताया कि पूरे मामले के लिए बनारस, मालदा पश्चिम बंगाल, राजस्थान तथा अन्य स्थानों पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रहीं हैं। जांच के लिए एक निरीक्षक, तीन उपनिरीक्षक व कांस्टेबिल की जांच तैयार की गई है। यूपी एटीएस, आईबी, इंटेलीजेंस व अन्य जांच एजेंसियां भी जुट गई हैं। गिरोह पकड़ने वाली टीम के प्रभारी निरीक्षक जीआरपी प्रभारी विकास सक्सेना, उपनिरीक्षक सर्वेश कुमार, जयदीप सिंह हैड कांस्टेबल, रवि शंकर, विपिन कुमार, लोकेश कुमार, सुरजीत सिंह, आनंद कुमार, कुंवरवीर सिंह की टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया है। कोच अटेंडर करता था ट्रेन में नकली नोटों की रखवाली ट्रेन में नकली नोटों को सुरिक्षत रखने का काम गिरफ्तार हुआ कोच अटेंडर कटिहार पटना बिहार निवासी धर्मेेंद्र करता था। धर्मेंद्र इस काम के बदले में मोटी धनराशि लेता था। ट्रेन में नकली नोटों की खेप या फिर सिक्योरिटी पेपर अटेंडर अपने कोच में रखवा लेता था।
7455095736
Author: Vijay Singhal
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