हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। जिले के कई परिषदीय स्कूलों के अंदर बिजली के खंभे लगे हैं। विद्यालय के ऊपर से हाईटेंशन के तार जा रहे हैं। इसके चलते हर समय छात्राें और शिक्षकों को हादसे का डर बना रहता है।
परिषदीय स्कूलों के छात्रों के सामने कई मुश्किलें खड़ी हैं। इसमें एक दिक्कत बिजली के तारों की है। जो विद्यालयों के ऊपर से गुजर रहे हैं। इन बिजली तारों से हर वक्त हादसे का खतरा बना रहता है। गोवर्धन विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय श्यौवा के ऊपर से बिजली के तार गुजर रहे हैं। उच्च प्राथमिक विद्यालय पाडल के ऊपर से बिजली के तार ज रहे हैं। विद्यालय के गेट पर ही बिजली खंभा लगा है। उच्च प्राथमिक विद्यालय कौंथरा के अंदर तो बिजली का खंभा ही लगा है। जबकि उच्च प्राथमिक विद्यालय सींगापट्टी के ऊपर से होकर हाईटेंशन के तार जा रहे हैं। इससे बारिश के समय हादसे का खतरा रहता है। शिक्षक और छात्र डरकर रहते हैं। पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अतुल सारस्वत ने इसे विभागीय उदासीनता बताया है। उनका कहना है कि बिजली तारों और हाईटेंशन लाइन से हर समय हादसे का खतरा रहता है। इसलिए सभी विद्यालयों से बिजली तार और हाईटेंशन लाइन को तुरंत हटाया जाना चाहिए। जब तक विद्यालयों से तार नहीं हट रहे हैं। विद्यालय के छात्रों को दूसरे विद्यालय में शिफ्ट किया जाना चाहिए। सुनील दत्त, बीएसए ने कहा जिन विद्यालयों के ऊपर से बिजली के तार या हाईटेंशन लाइन जा रही है। उनकी सूची तैयार करवाई जा रही है। विद्युत निगम से एस्टीमेट बनवाकर लाइनों को विद्यालय परिसर से बाहर करवाया जाएगा।
परिषदीय स्कूलों के छात्रों के सामने कई मुश्किलें खड़ी हैं। इसमें एक दिक्कत बिजली के तारों की है। जो विद्यालयों के ऊपर से गुजर रहे हैं। इन बिजली तारों से हर वक्त हादसे का खतरा बना रहता है। गोवर्धन विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय श्यौवा के ऊपर से बिजली के तार गुजर रहे हैं। उच्च प्राथमिक विद्यालय पाडल के ऊपर से बिजली के तार ज रहे हैं। विद्यालय के गेट पर ही बिजली खंभा लगा है। उच्च प्राथमिक विद्यालय कौंथरा के अंदर तो बिजली का खंभा ही लगा है। जबकि उच्च प्राथमिक विद्यालय सींगापट्टी के ऊपर से होकर हाईटेंशन के तार जा रहे हैं। इससे बारिश के समय हादसे का खतरा रहता है। शिक्षक और छात्र डरकर रहते हैं। पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अतुल सारस्वत ने इसे विभागीय उदासीनता बताया है। उनका कहना है कि बिजली तारों और हाईटेंशन लाइन से हर समय हादसे का खतरा रहता है। इसलिए सभी विद्यालयों से बिजली तार और हाईटेंशन लाइन को तुरंत हटाया जाना चाहिए। जब तक विद्यालयों से तार नहीं हट रहे हैं। विद्यालय के छात्रों को दूसरे विद्यालय में शिफ्ट किया जाना चाहिए। सुनील दत्त, बीएसए ने कहा जिन विद्यालयों के ऊपर से बिजली के तार या हाईटेंशन लाइन जा रही है। उनकी सूची तैयार करवाई जा रही है। विद्युत निगम से एस्टीमेट बनवाकर लाइनों को विद्यालय परिसर से बाहर करवाया जाएगा।
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Author: Vijay Singhal
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