हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा के थाना सदर बाजार स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह में एक नाबालिग बंदी ने सुसाइड कर लिया। किशोर ने आत्महत्या मफलर से फंदा बनाकर किया। किशोर बंदी के आत्महत्या किए जाने की सूचना मिलते ही डीएम,एसएसपी बाल संप्रेक्षण गृह पहुंच गए और मामले की जांच शुरू कर दी। वहीं भाई का कहना है कि उसके भाई की हत्या की गई है। मथुरा। सदर बाजार थाना क्षेत्र स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह किशोर में न्यायिक हिरासत में निरुद्ध एक बाल अपचारी ने सोमवार तड़के फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उसने एक किशोरी के नाम सुसाइड नोट भी लिखा। डीएम ने घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।
बलदेव निवासी 17 वर्षीय किशोर बीते माह एक किशोरी को बहला फुसलाकर ले गया था। पुलिस ने 31 जनवरी को किशोरी को बरामद कर लिया था और तीन फरवरी को किशोर को पकड़ लिया। किशोरी ने पुलिस के समक्ष दिए बयान में कहा कि वह अपनी मर्जी से उसके साथ गई थी। मगर, मजिस्ट्रेटी बयान में पलट गई और बहला फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया। इसके बाद पुलिस ने किशोर को अदालत में पेश कर राजकीय संप्रेक्षण गृह में भेज दिया। किशोरी के बयानों से आहत किशोर ने रविवार रात संप्रेक्षण गृह की बैरक में उसके साथ निरुद्ध तीन अन्य बाल अपचारियों को मन की बात कही। रात करीब 12 बजे वह सो गया। सोमवार तड़के करीब चार बजे उसने खुद के मफलर को बैरक में लगे पंखे के कुंदे से बांधकर फंदा गले में डाल लिया। अन्य बाल अपचारी जागे तो किशोर को फंदे से लटका देखकर शोर मचा दिया। इसके बाद संप्रेक्षण गृह के अधीक्षक हरीशचंद वर्मा, डीएम शैलेंद्र सिंह, एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मथुरा। राजकीय संप्रेक्षण गृह में बंद बलदेव निवासी किशोर ने फंदा लगाने से पहले रविवार रात करीब 10 बजे ही सुसाइड नोट लिख लिया था। उसने बैरक में निरुद्ध अन्य बाल अपचारियों से भी मन की बात कही थी। उन्होंने पूछा कि सुसाइड नोट में क्या लिखा है, तो कहा कि कल देख लेना पत्र। उधर, किशोर की मौत से उसके घर में गम का माहौल छा गया। बड़ी संख्या में लोग, परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे। सुसाइड नोट में किशोर ने किशोरी के नाम का उल्लेख करते लिखा है कि दोनों बचपन से एक-दूसरे को बहुत प्यार करते थे। साथ जीने-मरने की कसमें खाईं थीं। घरवालों से शादी की बात की थी। मगर, उन्होंने विरोध किया। इसी वजह से घर छोड़ने का कदम उठाया। किशोरी को लेकर वह लुधियाना (पंजाब) चला गया था। बाद में वापस आ गया, लेकिन किशोरी ने उसे धोखा दे दिया। उसके खिलाफ ही बयान दे दिए। पत्र में लिखा कि जैसा उसके साथ किया, वैसा किसी और के साथ न करे। यह पत्र उसे (किशोरी) दे देना।दिन में माता-पिता से मुलाकात की थी।
