हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा शुक्रवार की देर शाम वृंदावन पहुंचे। निजी कार्यक्रम में शामिल होने आए मुख्य सचिव ने भगवान बांके बिहारी जी के दर्शन किए और पूजा अर्चना की। दर्शन करने के बाद मुख्य सचिव ने मथुरा के डीएम सहित स्थानीय अधिकारियों के साथ आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्य सचिव से मिलने जा रहे स्थानीय लोगों को पुलिस ने रोक दिया। वृंदावन पहुंचे मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा का डीएम पुलकित खरे, एसएसपी शैलेष पांडेय, नगर आयुक्त अनुनय झा, अपर नगर आयुक्त क्रांति शेखर सिंह ने वीआईपी रोड पर स्वागत किया। वीआईपी रोड से मुख्य सचिव ठाकुर बांके बिहारी मंदिर तक पहुंचे। मुख्य सचिव ने मंदिर में गेट नंबर 5 से प्रवेश किया। बांके बिहारी मंदिर पहुंच कर मुख्य सचिव ने भगवान बांके बिहारी के वीआईपी गैलरी से दर्शन किए। करीब 15 मिनट तक मंदिर में रहे मुख्य सचिव ने पूजा अर्चना भी की। इस दौरान सेवायत पुजारियों ने मुख्य सचिव को भगवान का प्रसाद और अंग वस्त्र भेंट किया। मुख्य सचिव ने ठाकुर बांके बिहारी मंदिर मार्ग और मंदिर के आस पास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। डीएम पुलकित खरे ने उन्हें बांके बिहारी मंदिर की सकरी गलियों और यहां बसे लोगों के बारे में जानकारी दी। डीएम ने प्रस्तावित बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर संबंधी आगामी योजनाओं के बारे में भी मुख्य सचिव से मंथन किया। मुख्य सचिव को बताया कि यहां हर दिन हजारों लोग ठाकुर बांके बिहारी महाराज के दर्शन के लिए आते हैं। भीड़ के कारण गलियों से लोगों का निकलना भी मुश्किल हो जाता है। डीएम ने मुख्य सचिव को गेट नंबर दो और एक के बाद गेट नंबर पांच का भी निरीक्षण कराया। इस दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों के साथ मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर बातचीत की। जानकारी की गई कि हर दिन और त्योहार पर भीड़ को नियंत्रित कैसे किया जाता है। व्यवस्थाओं में और सुधार के लिए क्या योजानाएं बनाई जा सकती हैं। मुख्य सचिव के आगमन की सूचना मिलते ही कॉरिडोर का विरोध कर रहे लोग उनसे मिलने के लिए जाने लगे। इस बात की जानकारी जब पुलिस को लगी तो वह उनको रोकने में जुट गई। पुलिस ने मुख्य सचिव से मुलाकात कर ज्ञापन देने जा रहे लोगों को मिलने से रोक दिया।कॉरिडोर को लेकर विरोध कर रहे लोगों का आरोप था कि वह मुख्य सचिव से मिलकर केवल ज्ञापन देना चाहते थे। लेकिन उनको मुख्य सचिव से मिलने से रोकने के लिए नजर बंद कर दिया गया। लोगों का आरोप था कि वह ज्ञापन के माध्यम से मुख्य सचिव को वह सुझाव देना चाहते थे जिससे वृंदावन की पौराणिकता बनी रहे और कॉरिडोर भी न बनाना पड़े। दीपक पाराशर ने बताया कि शासन प्रशासन ने नजर बंद कर दिया। पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा कि सरकार आवाज उठाने से रोक रही है और मौलिक अधिकारों का हनन कर रही है। विरोध करने वालों में सोहन लाल मिश्र,राजेश कृष्ण शर्मा,गोविंद तिवारी,नीरज गोस्वामी,प्रमोद बिहारी सारस्वत,मनमोहन गोस्वामी,वृंदावन बिहारी मिश्र,सुमित मिश्रा, गप्पी गुरु,राहुल शुक्ला,कलश गोस्वामी,नूतन पुरोहित,राजू शर्मा,संजीव गोस्वामी,राकेश अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।
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Author: Vijay Singhal
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