हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चीनी उद्योग को लेकर कहा कि छाता में स्थित शुगर मिल को इंटीग्रेटेड परिसर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस बदलाव का सीधा लाभ लाखों गन्ना किसानों को मिलेगा, जिन्हें अब गन्ने का मूल्य 400 रुपये प्रति क्विंटल भुगतान करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह प्रदेशभर के चीनी उद्योगों को इंटीग्रेटेड कॉम्प्लेक्स (एकीकृत परिसर) के रूप दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आज 122 चीनी मिलें संचालित हैं और किसान को 400 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य का भुगतान किया जा रहा है। एथेनॉल उत्पादन 41 करोड़ लीटर से बढ़कर 182 करोड़ लीटर हो गया है, जिसमें भी उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। आज चीनी मिलें घाटे का क्षेत्र नहीं बल्कि लाभकारी उद्योग बन चुकी हैं। छाता और बागपत की चीनी मिलों को इंटीग्रेटेड परिसर के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य में 89 कृषि विज्ञान केंद्र संचालित हैं। एक्सप्रेसवे और लॉजिस्टिक्स के माध्यम से किसानों की उपज को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का काम प्राथमिकता से किया जा रहा है। कृषि वैल्यू चेन, स्टोरेज, प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन पर व्यापक कार्य हो रहा है। कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने बताया कि सरकार का ध्यान केवल मिलों के आधुनिकीकरण पर ही नहीं बल्कि खेत में गन्ने की पैदावार बढ़ाने पर भी है। किसानों को गन्ने की उन्नत और रोग-प्रतिरोधी किस्मों के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। छाता शुगर मिल भी इसी साल इंटीग्रेटेड कॉम्प्लेक्स के रूप में बनकर तैयार होगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, युवाओं को तकनीकी और प्रबंधन के क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर ही काम मिल सकेगा।
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Author: Vijay Singhal
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