• Wed. Feb 11th, 2026

मथुरा ट्रेन हादसे का CCTV, रेलवे कर्मचारी वीडियो कॉल पर था, नशे में थ्रोटल पर रखा बैग

ByVijay Singhal

Sep 28, 2023
Spread the love
हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा में मंगलवार देर रात हुए ट्रेन हादसे में इंजन के अंदर का CCTV सामने आया है। वीडियो में दिख रहा है कि किस तरह ट्रेन प्लेटफॉर्म को तोड़ते हुए चढ़ी। ट्रेन को यार्ड में ले जाना था, इससे पहले लोको पायलट सीट से उठ जाता है। फिर लाइटिंग स्टाफ का एक कर्मचारी वीडियो कॉल पर बात करते हुए EMU के इंजन में दाखिल होता है। उसके पीठ पर बैग था। वह किसी से वीडियो कॉल पर बात कर रहा था। बात करते-करते बैग को इंजन में थ्रोटल पर रख देता है। बस… यहीं लापरवाही होती है। थ्रोटल पर बैग रखते ही ट्रेन चलने लगती है। प्लेटफॉर्म नंबर-2 को तोड़ते हुए 30 मीटर ऊपर चढ़ जाती है। फिर बिजली के पोल से टकराकर रुकती है। इस दौरान प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों में भगदड़ मच जाती है। थ्रोटल इंजन में एक्सीलेटर का काम करता है। इसी से रफ्तार को घटाते-बढ़ाते हैं। सिर्फ यही नहीं, ब्रेथ एनलाइजर टेस्ट में बैग रखने वाले लाइटिंग स्टाफ सचिन के हल्के नशे में होने की पुष्टि हुई है। उसके खून की जांच के लिए सैंपल भेजा गया है। रिपोर्ट आने पर पता चलेगा कि नशा किस स्तर और कितना था।आगरा मंडल प्रबंधक तेजप्रकाश अग्रवाल का कहना है कि ट्रेन आने के बाद इंजन के केबिन की चाबी वहां पहले से मौजूद सहायक स्टाफ को देनी होती है। मंगलवार रात ट्रेन आने पर चाबी सचिन को दी गई थी। फिलहाल, रेलवे की 28 पेज की मिली जांच रिपोर्ट के आधार पर लोको पायलट सहित 5 रेल कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। निलंबित किए गए रेल कर्मियों में लोको पायलट गोविंद हरी शर्मा, हेल्पर इलेक्ट्रिक सचिन, टेक्नीशियन कुलजीत, बृजेश और हरवन कुमार हैं। जांच रिपोर्ट में लोको पायलट और लाइटिंग स्टाफ द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र भी शामिल हैं। इसमें लोको पायलट गोविंद हरी ने लिखा है कि वह पलवल से मथुरा तक ट्रेन लाए। गाड़ी की चाबी लाइटिंग स्टाफ सचिन कुमार को दी गई। इसके बाद वह उतरकर चले गए। इंजन से उतरकर आधी ट्रेन ही क्रॉस की होगी कि तेज आवाज आई। पीछे मुड़कर देखा तो ट्रेन प्लेटफॉर्म पर चढ़ गई थी। दौड़कर वापस आया और सचिन से कहा कि तुमने ट्रेन ऑपरेट क्यों कर दी। वहीं, लाइटिंग स्टाफ सचिन द्वारा दी गई एप्लीकेशन में लोको पायलट पर आरोप लगाए गए हैं। सचिन का आरोप है कि गाड़ी बिना ऑपरेट किए ही चल दी थी। ऐसे में मैं घबरा गया। BIBS बंद कर इमरजेंसी ब्रेक लगाई। सचिन ने लोको पायलट पर आरोप लगाया कि DTC को बिना बंद किए ही वह उतरकर चले गए थे। EMU ट्रेन संख्या 64910 को मथुरा जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या-2 पर शंटिंग कर प्लेटफॉर्म नंबर-5 पर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान हादसा हुआ। गनीमत रही कि उस समय मौके पर भीड़ नहीं थी। अगर पोल से टकराकर ट्रेन नहीं रुकती तो बड़ा हादसा हो सकता था।हादसे में रेलवे को एक करोड़ से ज्यादा का नुकसान होने का अनुमान है। हादसे के कारण जहां प्लेटफॉर्म का करीब 50 मीटर लंबा हिस्सा डैमेज हुआ। वहीं, ओवर हेड वायर, पोल भी क्षतिग्रस्त हुए। लेकिन रेलवे को जो बड़ा नुकसान हुआ, वह हुआ EMU ट्रेन के इंजन में। हालांकि, इंजन में कितना नुकसान हुआ है, यह रेलवे का कोई अधिकारी बताने को तैयार नहीं है। हादसे के बाद उत्तर मध्य रेलवे के आगरा मंडल से तकनीकी टीम मथुरा पहुंची थी। इसके साथ ही ट्रेन को प्लेटफॉर्म से हटाना शुरू किया गया। देर रात तक करीब 15 घंटे की चली प्रक्रिया के बाद ट्रेन को प्लेटफॉर्म से हटाकर वापस ट्रैक पर लाया गया।
7455095736
Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published.