हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। 2 जून 1916, समय शाम 5 बजे, स्थान जवाहर बाग। क्या हुआ , कैसे हुआ, इतनी बड़ी वारदात के लिए जिम्मेदार कौन है, इन सब प्रश्नों के उत्तरों की फाइल सीबीआई के पास है, जिसकी चार्जशीट गाजियाबाद सीबीआई कोर्ट में दाखिल की जा सकती है। इसके साथ ही गरम हो जाएंगी जवाहर बाग कांड से जुड़ी राजनीतिक सरगर्मियां। किसने रामवृक्ष यादव को इस दुस्साहस के लिए सहयोेग प्रदान किया, जैसे-जैसे सीबीआई की अदालत में चार्ज शीट के पन्ने खुलेंगे, सबका उत्तर मिलता जाएगा। जवाहर बाग कांड की जांच सीबीआई ने पूरी कर ली है। सूत्रों की मानें तो वह एक सप्ताह के अंदर चार्ज शीट को गाजियाबाद की सीबीआई कोर्ट को दे सकती है। जैसे ही सीबीआई इस चार्जशीट को अदालत मेें दाखिल करेगी, मथुरा की अदालत में चल रहे जवाहर बाग की हत्याकांड से संबंधित मुकदमों की सारी फाइलें सीबीआई कोर्ट में पहुंच जाएंगी। फिलहाल यह केस मथुरा में एडीजे षष्टम न्यायाधीश अभिषेक पांडे की अदालत में चल रहा है। अधिवक्ता एलके गौतम ने बताया कि एडीजे-षष्टम की अदालत में हत्या का मामला चल रहा है। इसमें आगामी तारीख 24 दिसंबर को सुनवाई होनी है। यदि सीबीआई द्वारा गाजियाबाद कोर्ट में चार्ज शीट लगाई जाती है तो इस मुकदमे की फाइलें गाजियाबाद चली जाएंगी। अन्य मुकदमों की फाइलें भी सीबीआई कोर्ट में जा सकती हैं। जानकारी रहे एफटीसी एसीजेएम सदर की अदालत में करीब 12 केस चल रहे हैं। इनमें 19 दिसंबर को सुनवाई होगी और एडीजे -6 की अदालत में ही करीब 40 मुकदमे आर्म्स एक्ट में तथा दो जून 2016 से पहले थाना सदर बाजार पर हत्या के प्रयास का मुकदमा भी चल रहा है। मरने वालों के सबूत जुटाना काफी कठिन
सीबीआई को मृतकों की जानकारी भले ही मुंह जुबानी मिल रही हो परंतु साक्ष्य जुटाने के लिए पापड़ बेलने पड़ रहे हैं। जो लोग जेल में मर गए हैं, उनका रिकॉर्ड तो सीबीआई को आसानी से मिल गया है परंतु जो लोग जेल से बाहर मरे हैं उनका रिकॉर्ड जुटाना भारी पड़ रहा है। वरिष्ठ जेल अधिकारियों ने मांगी सूचना,जेल में बंद रामपाल निवासी वेलापुर सिमता थाना मुहम्मदी खीरी, भगेलू निवासी सुकरौली थाना रूपनदेही नेपाल, मेवालाल निवासी हजरतपुर अजीतमल औरैया और रामभरोसे निवासी वनहरा, थाना रसूलाबाद कानपुर देहात की मौत हो चुकी है। वर्तमान मेें अईयालाल निवासी पपियापुर कोतवाली फर्रुखाबाद, संतराम निवासी भगवतीपुर, कोतवाली प्रतापगढ़, रामपाल निवासी मैगलगंज लखीमपुर खीरी, रामेश्वर निवासी हिम्मतपुर, काशीपुर ऊधम सिंह नगर अभी भी जेल में बंद हैं। जेल अधीक्षक ब्रजेश कुमार ने बताया कि जेल में बंद चार लोगों की मौत हो गई थी और चार लोग जेल में बंद हैं। जानकारी रहे जेल के उच्चाधिकारियों ने हाल ही में जेल में बंद तथा मरे हुए लोगों की जानकारी मांगी थी।
सीबीआई को मृतकों की जानकारी भले ही मुंह जुबानी मिल रही हो परंतु साक्ष्य जुटाने के लिए पापड़ बेलने पड़ रहे हैं। जो लोग जेल में मर गए हैं, उनका रिकॉर्ड तो सीबीआई को आसानी से मिल गया है परंतु जो लोग जेल से बाहर मरे हैं उनका रिकॉर्ड जुटाना भारी पड़ रहा है। वरिष्ठ जेल अधिकारियों ने मांगी सूचना,जेल में बंद रामपाल निवासी वेलापुर सिमता थाना मुहम्मदी खीरी, भगेलू निवासी सुकरौली थाना रूपनदेही नेपाल, मेवालाल निवासी हजरतपुर अजीतमल औरैया और रामभरोसे निवासी वनहरा, थाना रसूलाबाद कानपुर देहात की मौत हो चुकी है। वर्तमान मेें अईयालाल निवासी पपियापुर कोतवाली फर्रुखाबाद, संतराम निवासी भगवतीपुर, कोतवाली प्रतापगढ़, रामपाल निवासी मैगलगंज लखीमपुर खीरी, रामेश्वर निवासी हिम्मतपुर, काशीपुर ऊधम सिंह नगर अभी भी जेल में बंद हैं। जेल अधीक्षक ब्रजेश कुमार ने बताया कि जेल में बंद चार लोगों की मौत हो गई थी और चार लोग जेल में बंद हैं। जानकारी रहे जेल के उच्चाधिकारियों ने हाल ही में जेल में बंद तथा मरे हुए लोगों की जानकारी मांगी थी।
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Author: Vijay Singhal
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