हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। ब्रज सिद्ध पीठ श्रीकाली मां मंदिर की अपनी अलग ही मान्यता है। मंदिर की स्थापना वर्ष 1959 में महाशिवरात्रि के दिन हुई थी। मंदिर की स्थापना का श्रेय मथुरा विद्युत निगम के तत्कालीन मैनेजिंग डायरेक्टर सेठ कालीचरण भगत को जाता है। उनके हृदय में यहां मंदिर हो, ऐसी भावना का संचार हुआ और उन्होंने स्वर्गीय मुकुंद राम चौबे नौहरे वालों से इस संबंध में बात की। मंदिर के पुजारी दिनेश चतुर्वेदी ने बताया कि नवरात्र महोत्सव के दौरान मंदिर सुबह 6:30 बजे से दोपहर एक बजे तक खुला रहेगा। इस दौरान नित्यप्रति दैनिक पूजन अर्चन के बाद गणेश पूजन, कलश पूजन, पंचोपकार पूजन, नवग्रह पूजन, दुर्गासप्तसती का पाठ होगा। शाम को भी प्रतिदिन नया शृंगार बंगला के भव्य दर्शन छह बजे से 11 बजे तक होंगे। आरती रात को 12 बजे होगी। छह अप्रैल को छप्पन भोग रात्रि जागरण के साथ नवरात्रि उत्सव की पूर्णाहुति होगी। मंदिर के संरक्षक महेश चतुर्वेदी ने बताया पूरे विश्व में ऐसी चमत्कारिक सूक्ष्म प्रतिमा कहीं नहीं है। यहां महामाई की छह इंच की प्रतिमा है। मान्यता है कि नवरात्र में जो हर दिन आकर माता रानी के समक्ष दीप जलाता है, उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
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Author: Vijay Singhal
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