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व्रन्दावन में चूहों के चलते जमीन में धंस रहा बांके बिहारी मंदिर प्रशासन के फूले हाथ-पैर

ByVijay Singhal

Oct 15, 2023
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हिदुस्तान 24 टीबी न्यूज़ चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृन्दावन में चूहों का आतंक बढ़ता जा रहा है। चूहों ने ठाकुर बांके बिहारी मंदिर परिसर की मिटटी खोद खोदकर जमीन का धंसा दिया है। चूहों के आतंक से मंदिर आने वाले भक्त चोटिल हो रहे है। वहीं मंदिर सेवायत का कहना है कि चूहे मंदिर में आकर भगवान का प्रसाद ग्रहण करते हैं। इनको मारा नही जा सकता। मथुरा जिले की तीर्थ नगरी वृंदावन में बंदरों के साथ अब चूहों का आतंक भक्तों को झेलना पड़ रहा है। नगर के मंदिरों का प्रसाद चट कर जाने वाले चूहे भक्तों के साथ वहां के पौराणिक स्थलों के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। इन चूहों से कई बार मंदिर आने वाले भक्त चोटिल हो चुके हैं. आतंकित चूहों ने पूर्व में प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के फर्श को भी धंसा दिया था। वृंदावन में प्रतिदिन हजारों भक्त दर्शन के लिए आते हैं. यहां आने वाले भक्त बंदरों से काफी खौफजदा रहते हैं. बंदर भक्तों का सामान उनके हाथो से छीनकर ले जाते हैं. बंदरों के साथ अब चूहों ने भी आतंक मचा रखा है। मंदिर सेवायत मोहन गोस्वामी ने बताया कि ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में चूहों की संख्या काफी ज्यादा है. यह हजारों की संख्या में मंदिर में रहते हैं। यह भगवान के अनन्य भक्त हैं, क्योंकि यह सिर्फ भगवान के प्रसाद पानी के लिए आते हैं।उन्होंने बताया कि पहले चूहे मंदिर के भंडार घर में आया करते थे, लेकिन अब भंडार घर न होने के कारण यह मंदिर प्रांगण में घूमते रहते हैं।चूहों ने मंदिर परिसर में गड्ढे भी कर दिए हैं। प्रतिदिन इन गड्ढो की मिट्टी भी देखने को मिलती है। कोरोना काल के समय चूहों ने मंदिर का फर्श धंसा दिया था, जिसे बाद में सही कराया गया था. साथ ही चूहों से काफी ज्यादा परेशानी भी होती है। लेकिन क्या करें यह भगवान के भक्त हैं। इनको ना हम मार सकते हैं और ना इनको पकड़ कर भगा सकते हैं, क्योंकि ऐसा करना असम्भव है।
मंदिर के प्रबंधक मुनीश कुमार ने बताया कि ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में अनगिनत चूहें अभी से नहीं काफी समय से हैं. यह यहां आते-जाते रहते हैं इनको कई बार पड़कर यमुना किनारे भी छोड़ा गया है। उन्होंने नगर पालिका से चूहों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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