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बांके बिहारी कॉरिडोर पर लगी मुहर, पहली रजिस्ट्री पूरी, 3 गोस्वामियों ने दी जमीन

ByVijay Singhal

Jan 17, 2026
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल

मथुरा की पावन नगरी वृंदावन में ठाकुर श्री बांके बिहारी जी के भक्तों के लिए शुक्रवार का दिन विशेष महत्व लेकर आया। लंबे समय से प्रतीक्षित श्री बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में अब ज़मीनी स्तर पर काम शुरू हो गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की पहली रजिस्ट्री पूरी होने के साथ ही कॉरिडोर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। यह कार्य उच्चतम न्यायालय के निर्देशों पर गठित हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी और जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से संभव हो सका। प्रशासनिक प्रक्रिया के पूर्ण होने से न केवल मंदिर परिसर के विकास को गति मिलेगी, बल्कि पूरे ब्रज क्षेत्र के धार्मिक और सांस्कृतिक विस्तार को भी नई दिशा मिलेगी। कॉरिडोर निर्माण के तहत बिहारी पुरा क्षेत्र स्थित संपत्ति संख्या-25 के एक हिस्से (करीब 69.26 वर्ग मीटर) की रजिस्ट्री तहसीलदार सदर के नाम संपन्न कराई गई। इस पुनीत कार्य के लिए यति गोस्वामी, अभिलाष गोस्वामी और अनिकेत गोस्वामी ने स्वेच्छा से अपनी भूमि का विक्रय-विलेख निष्पादित किया। जिला मजिस्ट्रेट चन्द्र प्रकाश सिंह और अपर जिलाधिकारी डॉ. पंकज कुमार वर्मा के प्रयासों से यह ऐतिहासिक रजिस्ट्री संभव हो पाई, जिसे कॉरिडोर परियोजना की पहली ठोस उपलब्धि माना जा रहा है।

परंपरा के साथ विकास का संतुलन
सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार गठित इस उच्चस्तरीय समिति की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अशोक कुमार कर रहे हैं। समिति में प्रशासन, पुलिस, पुरातत्व विभाग और गोस्वामी समाज के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। योजना को अंतिम रूप देने से पहले गोस्वामियों, सेवायतों, व्यापारियों और स्थानीय निवासियों से लगातार संवाद किया गया, ताकि सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित हो सके। प्रस्तावित कॉरिडोर को इस तरह विकसित किया जाएगा कि वृंदावन की आध्यात्मिक गरिमा बनी रहे और आधुनिक सुविधाओं की भी पूर्ति हो सके। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षित मार्ग, बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल सुविधा और सुव्यवस्थित प्रवेश व निकासी द्वार बनाए जाएंगे, जिससे तंग गलियों में लगने वाली भीड़ से राहत मिलेगी। कॉरिडोर के निर्माण के बाद वृंदावन में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़ने की प्रबल संभावना है। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय व्यापार व सेवाक्षेत्र को सीधा लाभ पहुंचेगा। होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यवसायों के विस्तार से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। समिति की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि जो लोग स्वेच्छा से प्रारंभिक चरण में अपनी भूमि कॉरिडोर निर्माण के लिए उपलब्ध कराएंगे, उन्हें भविष्य में मिलने वाली सुविधाओं में प्राथमिकता दी जाएगी।

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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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