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हाईकोर्ट में बांके बिहारी कॉरिडोर केस:18 सितंबर को सरकार रखेगी अपना पक्ष

ByVijay Singhal

Sep 12, 2023
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हिदुस्तान 24 टीबी न्यूज़ चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन भगवान बांके बिहारी जी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार कॉरिडोर का निर्माण करना चाहती है। इसलिए ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने प्रस्ताव भी तैयार कर रखा है। लेकिन मामला हाई कोर्ट में होने के चलते सरकार अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सकी है। 18 सितंबर को इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार हाई कोर्ट में अपना पक्ष रखेगी। जिसके लिए लखनऊ में ब्रज तीर्थ विकास परिषद और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के सामने एक प्रजैंटेशन रखा। कॉरिडोर मामले में अब तक क्या हुआ जानिए इस खास रिपोर्ट में।
बांके बिहारी मंदिर के लिए कॉरिडोर बनाने के बात की शुरुआत हुई। 19 अगस्त 2022 श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व। मथुरा में उत्साह का माहौल था,भक्त अपने आराध्य के दर्शनों के लिए आतुर थे। श्री कृष्ण जन्मस्थान पर भगवान का रात 12 बजे अभिषेक के दर्शन कर श्रद्धालु वृंदावन बांके बिहारी मंदिर पहुंचे। जहां उनको वर्ष में एक बार होने वाली मंगला आरती के दर्शन करने थे। निर्धारित समय करीब 2 बजे मंगला आरती शुरू हुई। इसी दौरान मंदिर के गेट जैसे ही श्रद्धालुओं के लिए खोले गए और भगदड़ मच गई। इस हादसे में 2 श्रद्धालुओं की मौत हो गई जबकि 10 से ज्यादा घायल हो गए। जिस समय यह हादसा हुआ उस समय मंदिर में तत्कालीन डीएम नवनीत चहल,एसएसपी अभिषेक यादव, वर्तमान में नगर आयुक्त अनुनय झा, सीओ सदर प्रवीण मलिक सहित तमाम पुलिस बल मौजूद था। हादसे के बाद मथुरा प्रशासन सवालों के घेरे में आ गया। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने यहां कॉरिडोर बनाने की बात शुरू कर दी। लेकिन इससे पहले सरकार ने हादसे की जांच के लिए पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह की अध्यक्षता में 2 सदस्यीय जांच कमेटी बनाई। इस कमेटी में पूर्व डीजीपी के अलावा अलीगढ़ के कमिश्नर शामिल रहे थे। इस कमेटी में अपनी रिपोर्ट शासन को 32 बिंदुओं का उल्लेख किया गया। जिसमें ऐसी स्थिति आगे न हो इसको लेकर समिति ने तात्कालिक,
मध्यकालिक और दीर्घकालिक सुझाव दिए। इसके अलावा समिति ने कुछ अफसरों पर भी लापरवाही बरतना भी अपनी जांच में पाया। इस मामले में कार्यवाही तो नहीं हुई लेकिन कॉरिडोर बनाने की बात जरूर शुरू हो गई। बांके बिहारी कॉरिडोर बनाने के प्रस्ताव को सुगबुगाहट शुरू होते ही स्थानीय निवासी इसका विरोध करने लगे। स्थानीय निवासियों का आरोप था कि सरकार कुंज गलियों को मिटाकर कॉरिडोर बनाना चाहती है। जबकि वृंदावन की पहचान कुंज गलियों से है। यहां भगवान बच्चे के स्वरूप में हैं और इन गलियों में खेले हैं। गलियों को धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व से जोड़ते हुए स्थानीय निवासियों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिए। इसी बीच खुद को बांके बिहारी जी का भक्त बताने वाले अनंत शर्मा ने हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल की और बांके बिहारी जी में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सरकार क्या व्यवस्था कर रही इसकी जानकारी मांगी गई। जिस पर कोर्ट में बताया गया कि 5 एकड़ में कॉरिडोर बनाना प्रस्तावित है। इसी बीच मंदिर के गोस्वामी एवं स्थानीय निवासी मधु मंगल शुक्ला की तरफ से भी याचिका दाखिल की गई। जिसमें कहा गया कि सरकार उनका पक्ष सुन ही नहीं रही और मंदिर में आए दान के पैसों को कॉरिडोर निर्माण में खर्च करना चाहती है। 24 मार्च 2023 को हाई कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए मामले में पक्षकारों के बीच उठे विवाद को सुलझाने के लिए मध्यस्थ की नियुक्ति करने के लिए कहा। कोर्ट ने इसके लिए महाअधिवक्ता से मध्यस्थ के नाम का सुझाव मांगा। साथ ही निर्देश दिया कि यूपी सरकार मध्यस्थ के लिए जिस नाम को प्रस्तावित करे वह राष्ट्रीय स्तर का और अनुभव वाला होना चाहिए। लेकिन इस मुद्दे पर बात नहीं बनी। इसके बाद 4 सितंबर को इलाहाबाद हाई कोर्ट में दोनों पक्ष के अधिवक्ता बैठे पर सहमति नहीं बनी। इसके बाद कोर्ट ने 18 सितंबर की तारीख दी। बांके बिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए क्या इंतजाम किए जायेंगे इसके प्रस्ताव का प्रस्तुतिकरण ब्रज तीर्थ विकास परिषद और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने रविवार को मुख्यमंत्री के सामने रखा। ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजा कांत मिश्र, सीईओ नागेंद्र प्रताप,डीएम शैलेंद्र सिंह लखनऊ पहुंचे और मुख्यमंत्री को 505 करोड़ रुपए का तैयार किया गया प्लान बताया। इस प्लान में सबसे ज्यादा महत्व भीड़ नियंत्रण पर दिया गया। क्योंकि सामान्य दिनों में यहां बताया गया कि 50 से 60 हजार लोग आते हैं जबकि पर्वों पर यह भीड़ कई गुना बढ़ जाती है। हालांकि कॉरिडोर कैसा होगा,किस तरह का प्रस्ताव बनाया गया है यह जानकारी किसी अधिकारी ने नहीं दी। लेकिन दैनिक भास्कर को जो सूत्रों से लगी उसके अनुसार कॉरिडोर दो हिस्सों में बनेगा। इसका ऊपर का हिस्सा 10 हजार 600 वर्ग मीटर का होगा तो नीचे का हिस्सा 11 हजार 300 वर्ग मीटर का। ऊपर के हिस्से में 1800 वर्ग मीटर में वेटिंग रूम,800 वर्ग मीटर में गलियारा,900 वर्ग मीटर में परिक्रमा ,650 वर्ग मीटर खुला क्षेत्र,200 वर्ग मीटर में जूता घर,100 वर्ग मीटर में समान घर,50 वर्ग मीटर में टॉयलेट,30 वर्ग मीटर में शिशु देखभाल केंद्र,80 वर्ग मीटर में चिकित्सा सेवा,250 वर्ग मीटर में वीआईपी वेटिंग रूम और 100 वर्ग मीटर विद्युत सेवा के लिए होगा। जबकि नीचे के हिस्से में 500 वर्ग मीटर खुला क्षेत्र,250 वर्ग मीटर में जूता घर,100 वर्ग मीटर में समान घर,80 मीटर में वीआईपी वेटिंग रूम,800 वर्ग मीटर में पूजा,सामान की दुकान और 3500 वर्ग मीटर में यात्रियों के लिए वेटिंग रूम होगा।बांके बिहारी जी कॉरिडोर 5 एकड़ में प्रस्तावित है। इसमें यात्रियों की सुविधाओं के साथ साथ वीआईपी का भी ख्याल रखा गया है। इसके अलावा कॉरिडोर में कदंब,करील आदि के पेड़ भी लगाए जायेंगे। कॉरिडोर क्षेत्र में बांके बिहारी के अलावा राधा गोपाल,राधा बिहारी,केशव जु के अलावा गौडिया मठ के भी दर्शन होंगे।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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