हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वित्तीय वर्ष 2015-16 से 2019-20 तक मथुरा के निजी आईटीआई संस्थानों में 22.99 करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले में बुधवार को आर्थिक अपराध शाखा कानपुर को मथुरा सहकारी बैंक ने छात्रों के बैंक खातों संबंधी दस्तावेज भेज दिए। निदेशालय स्तर से गठित जांच समिति ने स्थलीय व आनलाइन डाटा के आधार पर की जांच में यह घोटाला पकड़ा था। थाना सदर बाजार में इस संबंध में एक जनवरी 2021 को तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर द्वारा तीन कनिष्ठ सहायक व पूर्व समाज कल्याण अधिकारी करुणेश त्रिपाठी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। 22.99 करोड़ के इस छात्रवृत्ति घोटाले की जांच एक बार फिर तेज हो रही है। आर्थिक अपराध शाखा टीम ने बैंकों से छात्रों के बैंक खातों संबंधी रिकॉर्ड तलब किए थे। आर्थिक अपराध शाखा को खातों से जुड़ी जानकारी बुधवार को भेजी गई। इस बारे में समाज कल्याण अधिकारी मथुरा को भी भनक नहीं लग सकी। समाज कल्याण अधिकारी नागेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आर्थिक अपराध शाखा टीम के आने या यहां से रिकॉर्ड भेजने के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई है। शाखा अपने स्तर से मामले की जांच कर रही है। छात्रवृत्ति घोटाले में 76 कॉलेज शामिल थे। इनमें से 60 कॉलेज को काली सूची में भी डाला गया था। आर्थिक अपराध शाखा टीम अब उन सभी खातों को खंगाल रही है, जिन खातों में छात्रवृत्ति की धनराशि ट्रांसफर की गई थी। आरोप लगे थे कि फर्जी तरीके से छात्रवृत्ति के नाम पर करीब 22.99 करोड़ की सरकारी धनराशि को हड़प गया है। मामला खुलने के बाद पूर्व में कुछ गिरफ्तारी भी हुई थीं। समाज कल्याण विभाग के कर्मचारियों को निलंबित भी किया गया था ।
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Author: Vijay Singhal
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