हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। यमुना नदी के किनारे शहरी आबादी क्षेत्र तक सीमित मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण अब अपना दायरा यमुना एक्सप्रेसवे की ओर फैलाने के लिए तत्पर दिख रहा है। विकास प्राधिकरण ने महावन और मांट तहसील के 17 गांव को भी यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण से छोड़ने का आग्रह किया है। इसका प्रस्ताव प्राधिकरण बोर्ड ने स्वीकृत करते हुए शासन को भेजा जा रहा है। यही वह क्षेत्र हैं जहां यमुना प्राधिकरण इंटरनेशनल स्तर की हेरिटेज सिटी विकसित करने की योजना है। वृंदावन के आसपास धार्मिक पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं के बीच तेजी से फैल रही शहरी आबादी को देखते हुए मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण ने यीडा से महावन और मांट तहसील के १७ गांवों मांगे हैं। इसके लिए शासन को भेजे प्रस्ताव में प्राधिकरण ने कहा है कि यमुना के बायीं ओर वृंदावन की आबादी तेजी से बढ़ रही है, जो यीडा के दायरे में है। ऐसे में यमुना के दोनों तटों पर एकीकृत विकास की आवश्यकता है। यह क्षेत्र भौगोलिक और स्थानीय आवश्यकताओं की दृष्टि से मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के निकट है, जबकि यीडा( यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) मुख्यालय से इसकी भौगोलिक दूरी अधिक होने के कारण यहां अवैध निर्माण पर भी प्रभावी अंकुश भी नहीं हो पा रहा है। यदि इन निर्माणों पर प्रभावी अंकुश नहीं लगाया गया तो वृंदावन के विस्तार के लिए भविष्य में भूमि की उपलब्धता नहीं हो सकेगी। ऐसे में प्रस्तावित गांवों को विकास प्राधिकरण के लिए अधिसूचित किया जाए। दीवाना, मल्हे, सूरज, ढकू, पोखर हृदय, कल्याणपुर, मावली खादर, माली बांगर , पानी गांव बांगर, पानीगांव खादर, पिपरौली बांगर, पिपरौली खादर, डॉगौली खादर, डॉगौली बागर, बेगमपुर खादर, बेगमपुर बांगर,जहांगीरपुर बांगर शामिल हैं। राजेश कुमार, सचिन ,मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण ने बताया की हाल ही में संपन्न हुई बोर्ड बैठक में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र के 17 गांवों का प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है, जिसमें इस क्षेत्र को विकसित करने का अधिकार मथुरा प्राधिकरण ने मांगा है।
7455095736
Author: Vijay Singhal
50% LikesVS
50% Dislikes
