हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा में तहसीलदार का कारनामा सामने आया है। यहां सदर तहसील में अलीगढ़ के रहने वाले व्यक्ति का आय प्रमाण पत्र बना दिया गया। दूसरे जनपद के व्यक्ति का आय प्रमाण पत्र मथुरा में बनने का मामला चर्चा में आया तो एसडीएम ने इसकी जांच के आदेश दे दिए। मथुरा के समीपवर्ती जनपद अलीगढ़ के फतेहपुर मिलक जराना अलीगढ़ निवासी महेंद्र सिंह पुत्र कुंदर सिंह माता का नाम श्री मति रामकली ने अपना आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया था। जिसका क्रमांक 221450010096521 था। इसमें तहसील व जिला मथुरा दर्शाया कर सदर तहसील से 22 अक्टूबर 2022 को प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। सदर तहसील से जारी महेंद्र सिंह के प्रमाण पत्र पर मासिक 4500 रुपए महीने और वार्षिक आय 54 हजार रुपए दिखाई गई। इस प्रमाण पत्र में पता अलीगढ़ का लिखा था केवल तहसील और जिला मथुरा इसके बाबजूद जिम्मेदारों ने आंख बंद कर अपनी रिपोर्ट लगा दी। इस प्रमाण पत्र को जारी करने से पहले अश्वनी पाण्डे, लेखपाल और तहसीलदार ने ध्यान देना भी मुनासिब नहीं समझा कि जो पता आवेदन में लिखा वह उनके कार्यक्षेत्र में आता है या नहीं।

इस मामले को लेकर चर्चा है कि तहसील में अधिकारी कम दलाल ज्यादा सक्रिय हैं। लेखपाल प्राइवेट युवकों को अपने पास रखकर कमीशन पर दलाली करा रहे है। मथुरा सदर लेखपाल के पास कमसेकम 5 व्यक्ति कमीशन पर पर काम कर रहे जो दलाली करते है उनमें लेखपाल का कमीशन होता है। लेखपाल कुछ नही देखता केबल कमीशन देखता है बिना देखे साइन कर देता है। तभी तो अलीगढ़ जनपद के रहने वाले व्यक्ति का मथुरा की सदर तहसील से प्रमाण पत्र बन गया। तहसीलदार और लेखपाल ने आवेदन में लिखे पते पर ध्यान नहीं दिया और इतना ही नहीं यह जानने की कोशिश भी नहीं की कि आवेदन कर्ता का जिस आय का वह प्रमाण पत्र बना रहे हैं क्या उसकी आय वास्तविकता में उतनी ही है या उससे कम या ज्यादा। मथुरा में अलीगढ़ जनपद के रहने वाले व्यक्ति का आय प्रमाण पत्र बनने के मामले में जब एसडीएम सदर अजय जैन से जानकारी की तो उन्होंने बताया मामला संज्ञान में आया है जांच कराई जा रही है अगर कुछ गड़बड़ हुई तो प्रमाण पत्र को निरस्त किया जायेगा। एसडीएम साहब प्रमाण पत्र तो निरस्त करने की बात कह रहे हैं लेकिन वह यह नहीं बता रहे कि जांच के बाद मामला सही निकला तो क्या उनके खिलाफ भी कार्यवाही की संस्तुति करेंगे जिनकी लापरवाही से या किसी और वजह से यह प्रमाण पत्र जारी हुआ।
7455095736
Author: Vijay Singhal
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