हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। आंगनबाड़ी किट खरीद मामले की जांच अंजाम तक नहीं पहुंच पा रही है। सीडीओ दो बार मामले की जांच करवा चुके हैं, लेकिन प्रकरण से जुड़े राज अब तक सामने नहीं आ पाए हैं। अब प्रकरण की जांच तीन सदस्यीय कमेटी से करवाई जा रही है। सीडीओ ने जांच टीम को सात दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। आंगनबाड़ी किट खरीद मामले को लेकर ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों की भूमिका संदेह के घेरे में है। 501 आंगनबाड़ी किट के बिल वाउचर, दो बार की जांच के बाद भी अब तक सामने क्यों नहीं आए, ये किटें कितने में खरीदी गई सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि आंगनबाड़ी किट की खरीद को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं कि करीब 501 किट की खरीद में धनराशि का बड़ा अंतर है। शिकायत के बाद प्रकरण की पहली जांच संयुक्त विकास आयुक्त आगरा मंडल द्वारा की गई थी। 28 अगस्त को भेजी गई अपनी जांच रिपोर्ट में किसी एक फर्म से किट की शत प्रतिशत आपूर्ति की बात सामने नहीं आई। फिर शिकायत होने पर तीन अगस्त को सीडीओ ने पत्र जारी कर जिला कार्यक्रम अधिकारी और उपायुक्त उद्योग को मामले की जांच सौंपी। जिला कार्यक्रम अधिकारी और उपायुक्त उद्योग द्वारा की गई जांच की रिपोर्ट क्या रही। ये जानकारी सामने नहीं आ पाई है। प्रकरण पर सीडीओ कहते हैं कि संयुक्त विकास आयुक्त आगरा मंडल मामले की जांच कर चुके हैं। उनकी जांच रिपोर्ट में कोई आरोप साबित नहीं हुआ है। अब सीडीओ ने मामले की जांच में पूर्व के दोनों अधिकारियों के साथ ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता संतोष कुमार को शामिल किया है। 19 जून 2023 को संजय और अन्य शिकायतकर्ताओं ने निदेशक पंचायती राज को पत्र भेजकर कई ग्राम पंचायतों में 25 से 27 हजार में मिलने वाली किटों को 63 हजार में खरीदने का आरोप लगाया था। इसके बाद सीडीओ ने मामले की जांच करवाई।
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Author: Vijay Singhal
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