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आरोप-प्रत्यारोप के बीच अग्रवाल सभा की नवीन कार्यकारिणी घोषित

ByVijay Singhal

Jun 4, 2023
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हिदुस्तान 24 टीबी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। आरोप-प्रत्यारोप के बीच आखिर अग्रवाल सभा की नवीन कार्यकारिणी का शनिवार को गठन हो गया। अध्यक्ष पद को छोड़कर सभी 43 पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हो गया। सुभाष चंद्र को प्रधानमंत्री बनाया गया है। इस घोषणा के साथ ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी एक बार फिर आरोपों के घेरे में आ गए हैं। उन पर एक पक्षीय निर्वाचन कराने का आरोप लगा है।
पिछले कई माह से चल रही चुनावी प्रक्रिया की जानकारी देते हुए मुख्य चुनाव अधिकारी जयंती प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि अग्रवाल सभा की निर्वाचन प्रक्रिया 21 मार्च से शुरू हुई थी, जोकि 26 मार्च को अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दी गई थी। 26 मार्च को ही विभिन्न पदों के लिए पांच आपत्तियां भी प्राप्त हुईं, जिनमें प्रमोद कुमार गर्ग कसेरे द्वारा अध्यक्ष पद के प्रत्याशी उमाशंकर अग्रवाल एडवोकेट के विरुद्ध, सुभाष चंद्र तथा नंदकिशोर अग्रवाल द्वारा प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी शशिभानु गर्ग के विरुद्ध, योगेश बंसल कागजी द्वारा उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी योगेन्द्र गोयल के विरुद्ध तथा संदीप अग्रवाल ने प्रचार मंत्री पद के प्रत्याशी कैलाश चंद्र सिल्कीन के विरुद्ध नियमानुसार नामांकन पत्र निरस्त किए जाने के तथ्य प्रस्तुत किए। प्रक्रिया स्थगित होने पर नामांकन पत्र, प्राप्त आपत्तियों तथा निर्वाचन संबंधी सभी दस्तावेज को सहायक चुनाव अधिकारियों की मौजूदगी में सील किया गया। मथुरा। आरोप-प्रत्यारोप के बीच आखिर अग्रवाल सभा की नवीन कार्यकारिणी का शनिवार को गठन हो गया। अध्यक्ष पद को छोड़कर सभी 43 पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हो गया। सुभाष चंद्र को प्रधानमंत्री बनाया गया है। इस घोषणा के साथ ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी एक बार फिर आरोपों के घेरे में आ गए हैं। उन पर एक पक्षीय निर्वाचन कराने का आरोप लगा है।

पिछले कई माह से चल रही चुनावी प्रक्रिया की जानकारी देते हुए मुख्य चुनाव अधिकारी जयंती प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि अग्रवाल सभा की निर्वाचन प्रक्रिया 21 मार्च से शुरू हुई थी, जोकि 26 मार्च को अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दी गई थी। 26 मार्च को ही विभिन्न पदों के लिए पांच आपत्तियां भी प्राप्त हुईं, जिनमें प्रमोद कुमार गर्ग कसेरे द्वारा अध्यक्ष पद के प्रत्याशी उमाशंकर अग्रवाल एडवोकेट के विरुद्ध, सुभाष चंद्र तथा नंदकिशोर अग्रवाल द्वारा प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी शशिभानु गर्ग के विरुद्ध, योगेश बंसल कागजी द्वारा उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी योगेन्द्र गोयल के विरुद्ध तथा संदीप अग्रवाल ने प्रचार मंत्री पद के प्रत्याशी कैलाश चंद्र सिल्कीन के विरुद्ध नियमानुसार नामांकन पत्र निरस्त किए जाने के तथ्य प्रस्तुत किए। प्रक्रिया स्थगित होने पर नामांकन पत्र, प्राप्त आपत्तियों तथा निर्वाचन संबंधी सभी दस्तावेज को सहायक चुनाव अधिकारियों की मौजूदगी में सील किया गया। मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि 31 मई को पुनः प्रक्रिया शुरू हुई तो प्राप्त आपत्तियों के निस्तारण, विधि सलाहकारों से विधिक राय के बाद कई नामांकन पत्रों को निरस्त कर दिया गया। जांच और नाम वापसी के बाद अध्यक्ष पद पर कोई नामांकन नहीं रहा। दो उपाध्यक्ष पद के लिए अशोक कुमार बसंल, योगेश बराल, प्रधानमंत्री पद पर सुभाष चंद्र, संगठन मंत्री पद पर धीरज गोयल, प्रचार मंत्री पद पर संदीप तथा आय-व्यय निरीक्षक पद पर अतुल अग्रवाल का नामांकन ही शेष होने पर इन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया है। इनके अलावा अग्रवाल सभा की कार्यकारिणी के 23 तथा तिलकद्वार अग्रवाल धर्मशाला समिति कार्यकारिणी के 12 पदों पर भी एक-एक नामांकन होने के कारण निर्विरोध निर्वाचन हुआ है। इस घोषणा के दौरान मुख्य चुनाव अधिकारी के साथ विधि सलाहकार मनोहर लाल अग्रवाल रिटायर्ड जज, अरविंद अग्रवाल एडवोकेट व सहायक चुनाव अधिकारी मूलचंद्र गर्ग, जुगल किशोर अग्रवाल, शैलेश अग्रवाल, कृष्णा मुरारी अग्रवाल, अजयकांत गर्ग आदि मौजूद रहे। अध्यक्ष पद के प्रत्याशी रहे प्रमोद गर्ग केसरे ने कहा कि वह पिछले 30 साल से सभा के सदस्य रहे हैं, कभी कोई पद नहीं लिया, लेकिन इस बार समाज के ही लोगों ने उन्हें चुनाव लड़ने के लिए आगे किया। आवेदन पत्र निरस्त होने से उन्हें कोई अफसोस नहीं है। अन्य प्रत्याशी उमाशंकर अग्रवाल व प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी शशिभानु गर्ग ने मुख्य चुनाव अधिकारी पर आरोप लगाते हुए एक पक्षीय निर्वाचन की बात कही है।

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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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