हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। थाना जैंत क्षेत्र के गांव कोटा में धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि भू-माफिया ने पहले रास्ते के लिए जमीन मांगी और फिर रजिस्ट्री कार्यालय के कर्मचारियों के साथ मिलकर बैनामे के कागजों में हेरफेर कर बेशकीमती जमीन को व्यक्तिगत स्वामित्व में बदल दिया। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर सात नामजद आरोपियों समेत रजिस्ट्री ऑफिस के कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चंद्र नगर निवासी ललित मोहन शर्मा ने तहरीर में बताया कि उनकी गांव कोटा में खसरा नंबर 878 पर पैतृक जमीन है। उनके पड़ोसी राजेश बंसल ने मार्च 2025 में एक इकरारनामा किया था, जिसमें कहा गया था कि वे अपनी जमीन का एक हिस्सा केवल रास्ते के उपयोग के लिए देंगे। इसके बदले उन्हें बाजार दर से काफी कम कीमत दी गई थी। इकरारनामे की मुख्य शर्त यही थी कि जमीन का उपयोग भविष्य में केवल रास्ते के रूप में ही होगा। आरोप है कि दिसंबर 2025 में बैनामा (सेल डीड) कराया गया, तो मुख्य आरोपी राजेश बंसल ने अपने सहयोगियों और रजिस्ट्री कार्यालय के कर्मचारियों के साथ मिलकर साजिश रची। आरोप है कि बैनामे के पेज नंबर 4 पर अंतिम दो लाइनों को कंप्यूटर के जरिए बदल दिया गया। नई लाइनों में लिख दिया कि विक्रेता अपनी सहमति देते हैं कि क्रेता इस जमीन को अपने पूर्ण व्यक्तिगत प्रयोग में लाएगा, जबकि असल इकरारनामे में यह जमीन केवल साझा रास्ते के लिए तय हुई थी। पुलिस ने ललित मोहन शर्मा की तहरीर के आधार पर राजेश बंसल, चेतन बंसल, अजय खंडेलवाल, गौरव वर्मा, राजुल अग्रवाल, कवीश अग्रवाल के साथ रजिस्ट्री ऑफिस मथुरा के अज्ञात कर्मचारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। सीओ सदर पीतमपाल सिंह ने बताया प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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Author: Vijay Singhal
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