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ब्रजभूमि का तेज आज तक अक्षुण : मोरारी बापू

ByVijay Singhal

Sep 24, 2025
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। बरसाना में जब संपूर्ण जगत पर कलियुग का प्रभाव व्याप्त है तब भी ब्रजभूमि का दिव्य तेज आज तक अक्षुण है। इसका कारण है कि श्रीकृष्ण कभी भी ब्रजभूमि से एक पल के लिए भी अलग नहीं होते। उनका शाश्वत वास यहीं है। बरसाना नाम भी राधे जू की अनंत कृपा की धारा का प्रतीक है, जहां निरंतर उनकी अनुकंपा बरसती रहती है। इन भावों को प्रख्यात कथा प्रवक्ता मोरारी बापू ने मंगलवार को माताजी गोशाला में श्रीरामकथा के दौरान व्यक्त किया। नौ दिवसीय श्रीरामकथा के चौथे दिन बापू ने व्यासपीठ से मानस गोसूक्त पर आधारित कथा का रसपान कराया। यह बापू के जीवन की 964वीं तथा बरसाना में उनकी यह तीसरी कथा है। बापू ने गाेमाता की महिमा का गान करते हुए कहा गाय साधु और गुरु का स्वरूप हैं। तैंतीस कोटि देवताओं का वास उनमें है। वे लक्ष्मी का मूर्त स्वरूप हैं। भक्ति के रहस्यों पर प्रकाश डालते हुए बापू ने कहा कि श्रद्धा कोई उपाय नहीं बल्कि उपलब्धि है। श्रद्धा से ही ज्ञान का द्वार खुलता है। ज्ञान वहीं स्थिर होता है जहां श्रद्धा का वास होता है। बिना श्रद्धा के धर्म संभव नहीं। कथा में गोकुल के पंकज बाबा, काशी के जगद्गुरु सतुआ बाबा महाराज, पीपा पीठाधीश बलरामदास महाराज, लाडली बिहारी दास, घमंड देवाचार्य पीठ के वेणुगोपाल महाराज, सुदामा कुटी के संतदास महाराज, बल्लभगढ़ के जगद्गुरु भैयादास महाराज, विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय संरक्षक दिनेश, अंबिका प्रसाद, मान मंदिर सेवा संस्थान के अध्यक्ष रामजीलाल शास्त्री, कार्यकारी अध्यक्ष राधाकांत शास्त्री, सचिव सुनील सिंह व माताजी गोशाला के संयोजक राजबाबा आदि मौजूद रहे।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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