हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिघल
मथुरा। सरकारी राशन दुकानों के कोटेदार अब राशन के साथ लाभार्थियों को जबरन चायपत्ती, सर्फ, साबुन नहीं दे सकते। अगर, लाभार्थी को यह सामग्री जबरन दी गई तो शिकायत पर कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई होगी। शासन से प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने इस संबंध में डीएम को पत्र जारी कर कोटेदारों की निगरानी का आदेश दिया है।
जिले में 424323 के करीब पात्र गृहस्थी कार्ड धारक हैं। वहीं, करीब 41436 करीब अंत्योदय कार्ड धारक हैं। इन सभी लाभार्थियों को राशन वितरण जिले की 832 सरकारी राशन दुकानों से वितरित किया जाता है। हर माह पांच तारीख से राशन वितरित किया जाता है। प्रदेश सरकार द्वारा राशन दुकानों से 35 तरह का सामान विक्रय करने की सुविधा दी गई थी। इस सामान में चाय की पत्ती, सर्फ, साबुन, पेस्ट आदि शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त अन्य उपयोगी एवं स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी वस्तुओं की बिक्री उचित दर दुकानों के माध्यम से किए जाने की अनुमति शामिल है। वस्तुओं की बिक्री की अनुमति प्रदान करने का उद्देश्य उचित दर विक्रेताओं की आय में वृद्धि करना था। मगर, कई कोटेदारों ने लाभार्थी की इच्छा के विरुद्ध जबरन राशन के साथ सामान की बिक्री शुरू कर दी। इस प्रकार की शिकायतें कई अन्य जिलों से भी प्राप्त हुईं। इसके बाद अब शासन अलर्ट हुआ है। जो इच्छुक हैं, उन्हें ही दी जाए सामग्री प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने सभी डीएम को आदेश जारी किया है कि लाभार्थियों को सामान खरीदने के लिए विवश न किया जाए। उचित दर दुकानों से विक्रय के लिए अनुमन्य अन्य वस्तुओं की बिक्री उन्हीं व्यक्तियों को की जाए जो इच्छुक हों। किसी भी उचित दर विक्रेता के विरुद्ध इन अतिरिक्त वस्तुओं को दबाव बनाकर विक्रय करने की शिकायत प्राप्त हुई तो उसके विरुद्ध नियमानुसार डीएम कार्रवाई करें। शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम ने कहा पूर्ति विभाग के जरिये जिले के सभी कोटेदारों को इस संबंध में सूचित कराया जा चुका है। किसी भी लाभार्थी को अतिरिक्त सामान खरीदने के लिए विवश न किया जाए। अगर, इस तरह की कोई शिकायत मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।
जिले में 424323 के करीब पात्र गृहस्थी कार्ड धारक हैं। वहीं, करीब 41436 करीब अंत्योदय कार्ड धारक हैं। इन सभी लाभार्थियों को राशन वितरण जिले की 832 सरकारी राशन दुकानों से वितरित किया जाता है। हर माह पांच तारीख से राशन वितरित किया जाता है। प्रदेश सरकार द्वारा राशन दुकानों से 35 तरह का सामान विक्रय करने की सुविधा दी गई थी। इस सामान में चाय की पत्ती, सर्फ, साबुन, पेस्ट आदि शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त अन्य उपयोगी एवं स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी वस्तुओं की बिक्री उचित दर दुकानों के माध्यम से किए जाने की अनुमति शामिल है। वस्तुओं की बिक्री की अनुमति प्रदान करने का उद्देश्य उचित दर विक्रेताओं की आय में वृद्धि करना था। मगर, कई कोटेदारों ने लाभार्थी की इच्छा के विरुद्ध जबरन राशन के साथ सामान की बिक्री शुरू कर दी। इस प्रकार की शिकायतें कई अन्य जिलों से भी प्राप्त हुईं। इसके बाद अब शासन अलर्ट हुआ है। जो इच्छुक हैं, उन्हें ही दी जाए सामग्री प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने सभी डीएम को आदेश जारी किया है कि लाभार्थियों को सामान खरीदने के लिए विवश न किया जाए। उचित दर दुकानों से विक्रय के लिए अनुमन्य अन्य वस्तुओं की बिक्री उन्हीं व्यक्तियों को की जाए जो इच्छुक हों। किसी भी उचित दर विक्रेता के विरुद्ध इन अतिरिक्त वस्तुओं को दबाव बनाकर विक्रय करने की शिकायत प्राप्त हुई तो उसके विरुद्ध नियमानुसार डीएम कार्रवाई करें। शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम ने कहा पूर्ति विभाग के जरिये जिले के सभी कोटेदारों को इस संबंध में सूचित कराया जा चुका है। किसी भी लाभार्थी को अतिरिक्त सामान खरीदने के लिए विवश न किया जाए। अगर, इस तरह की कोई शिकायत मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।
7455095736
Author: Vijay Singhal
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