हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। दिल्ली की बीएसए की छात्रा आयुषी यादव की हत्या के आरोपित उसके पिता नितेश यादव और माता ब्रजबाला को मंगलवार को पुलिस ने न्यायालय में पेश किया। यहां से 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। मंगलवार को थाने से लेकर न्यायालय और फिर जेल तक बुजुर्ग पिता भी पहुंचे, लेकिन उन्होंने बेटे और बहू से बात नहीं की, बस अकेले में रोते रहे।
आयुषी यादव की हत्या के आरोप में पुलिस ने 20 नवंबर को उसके माता-पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। सोमवार को पुलिस ने इस घटना का पर्दाफाश किया था। रात भर थाने में रखने के बाद राया पुलिस ने पहले स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया। दोपहर बाद पुलिस ने सीजेएम राकेश सिंह के न्यायालय में प्रस्तुत किया। यहां से दोनों को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया। आयुषी का छोटे भाई आयुष को सोमवार देर रात पुलिस ने उसके घर छोड़ दिया था। बस परिसर में बैठे अकेले रोते रहे। पुलिस जब दोनों को न्यायालय के लिए लेकर चली, तो अपनी कार से वह पीछे-पीछे आए। यहां आयुष को देख नितेश रोने लगा। कोर्ट परिसर में भी पिता गामा कार में ही बैठे रहे। लेकिन बेटे से कोई बात नहीं हुई। हां, आयुष ने जरूर कुछ देर मम्मी-पापा से बात की। मीडियाकर्मियों ने गामा प्रसाद से बात करने का प्रयास किया, तो आयुष ने तबीयत खराब होने की बात कहकर इन्कार कर दिया। राया के थाना प्रभारी ओमहरि वाजपेयी ने बताया कि दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। फोरेंसिक टीम सोमवार रात राया पुलिस के साथ फोरेंसिक टीम आयुषी के मोलड़बंद स्थित आवास पहुंची। यहां पर उसने हत्या से संबंधित साक्ष्य जुटाए। टीम ने यहां पर जिस कमरे में हत्या की गई थी, वहां ब्लड का सैंपल लिया। फर्श पर फैले खून का भी सैंपल लिया। इसके अलावा कमरे के दरवाजे और खिड़कियों पर अंगुलियों के निशान भी लिए। आयुषी को दो गोली मारी गई थीं।एक गोली उसके शरीर में फंसी मिली थी, जबकि दूसरी आरपार हो गई थी। दूसरी बुलेट पुलिस ने ढूंढने के काफी प्रयास किए, लेकिन वह नहीं मिल सकी। राया थाना प्रभारी ने बताया कि करीब चार घंटे की जांच पड़ताल के बाद पुलिस मंगलवार भोर में लौटी। दिल्ली की बीएसए की छात्रा आयुषी यादव की हत्या के मामले में पुलिस अब छत्रपाल को भी पूछताछ के लिए बुलाएगी। छत्रपाल से करीब एक वर्ष पहले आयुषी ने आर्य समाज मंदिर में विवाह किया था। इसके बाद इसी वर्ष 14 अक्टूबर को दिल्ली के शहादरा में विवाह का पंजीकरण कराया था। एसपी सिटी एमपी सिंह ने बताया कि भरतपुर निवासी छत्रपाल आयुषी के एक सहपाठी का रिश्तेदार है। छत्रपाल से अक्सर वह मिलने जाती थी। छत्रपाल को बुलाकर पुलिस उससे भी पूछताछ करेगी। उन्होंने बताया कि आयुषी के मोबाइल की काल डिटेल भी पुलिस खंगाल रही है। काल डिटेल के जरिए पुलिस ये पता करेगी कि आयुषी छत्रपाल के अलावा और किस-किस से बात करती थी। कौन-कौन उसके संपर्क में था। इसके अलावा काल डिटेल का पुलिस साक्ष्य के रूप में भी उपयोग करेगी। जब आयुषी की हत्या हुई,तो उसका मोबाइल कहां था। जब पिता और मां उसके शव को ठिकाने लगाने के लिए निकले, तो उसके मोबाइल की लोकेशन कहां थी। कोर्ट में पुलिस इसे भी साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करेगी। बेटी आयुषी को मुखाग्नि देने के बाद सोमवार रात पुलिस पिता नितेश यादव और मां ब्रजबाला को राया थाने ले आई। यहां उन्हें हवालात में रखा गया। पुलिसकर्मियों ने बताया कि इस दौरान उनके चेहरे पर पछतावे के कोई भाव नहीं थे। शाम को दोनों ने खाना भी खाया। उनके चेहरे को देखकर नहीं लगा कि उन्हें बेटी की हत्या का अफसोस है।
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