हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। जिलाधिकारी मथुरा के निर्देशन में इस वर्ष आयोजित हुए पोषण पखवाड़ा में जनपद मथुरा ने उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। दूसरे स्थान पर जनपद देवरिया और तीसरे स्थान पर सोनभद्र रहा।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों के साथ 20 मार्च 2023 से 3 अप्रैल 2023 तक पांचवा पोषण पखवाड़ा मनाया गया जिसका उद्देश्य जन आंदोलन और जनभागीदारी के माध्यम से पोषण के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना और खाने की स्वस्थ आदतों को बढ़ावा देना है. इस वर्ष पोषण पखवाड़ा का थीम था “सभी के लिए पोषण : एक साथ स्वस्थ भारत की ओर”. इस थीम के अंतर्गत मुख्यतः तीन बिंदुओं पर फोकस किया गया-
1. श्री अन्न/मोटे अनाज को प्रोत्साहन
2. स्वस्थ बालक बालिका स्पर्धा
3. सक्षम आंगनबाड़ी
जिलाधिकारी मथुरा पुलकित खरे के नेतृत्व में जनपद ने इन सभी क्षेत्रो में आवश्यक गतिविधियों का आयोजन कराया। जनपद मथुरा में बाल विकास विभाग के अलावा पंचायती राज, स्वास्थ्य, शिक्षा और पूर्ति विभाग द्वारा विभिन्न गतिविधियों का आयोजन कराया गया जिससे जनपद ने प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त कर लिया।
जनपद मथुरा ने जहां कुल 209273 गतिविधियों का आयोजन कराया जिसमे बाल विकास विभाग की 116148 गतिविधियां एवं अन्य सभी कन्वर्जेंस विभागों की कुल 93125 गतिविधयां रही। वही दूसरे स्थान पर रहे जनपद देवरिया ने कुल 119833, तीसरे स्थान पर रहे सोनभद्र ने 111811, कानपुर देहात ने 101647 गतिविधियां, एवं पांचवे स्थान पर रहे सहारनपुर 89237 गतिविधियों का आयोजन कराया।
मुख्य विकास अधिकारी मनीष मीना ने सभी विभागों के समन्वय से इस अभियान की दैनिक मॉनिटरिंग की। जिला कार्यक्रम अधिकारी अभिनव मिश्रा ने बताया कि इन्हीं बिंदुओं के आधार पर विभिन्न विभागों द्वारा विविध गतिविधियों का जिला स्तर, ब्लॉक स्तर एवं आंगनबाड़ी केंद्रों पर आयोजन हुआ। जिसमें मोटे अनाज के प्रोत्साहन हेतु प्रचार प्रसार, स्वास्थ्य संवर्धन के लिए कैंप, एनीमिया कैम्प, रेसिपी प्रतियोगिता,पोषण क्विज प्रतियोगिता, स्तनपान जागरूकता शिविर, प्रतिरक्षण कैम्प, मोटे अनाज का किशोरियों, गर्भवती, धात्रियों के स्वास्थ्य के लिए महत्व संबंधित जागरूकता अभियान, श्री अन्न को महोत्सव के तौर पर मनाना, कुपोषण के खिलाफ मोटे अनाज की भूमिका के संदर्भ में जागरूकता, ग्राम प्रधानों, राशन डीलरों, विद्यालयों के माध्यम से मोटे अनाज के प्रति जागरूकता प्रसार एवं अन्य सामुदायिक गतिविधियां जैसे गर्भवती महिलाओं की गोदभराई एवं शिशुओं के अन्नप्राशन आदि सम्मिलित रहे।
विभिन्न गतिविधियों के आयोजन के दौरान पौष्टिक आहारों के महत्व, गर्भवती धातृ महिलाओं का स्वास्थ्य और पोषण संवर्धन, स्वच्छता के महत्व, बच्चों की वृद्धि निगरानी के महत्व के प्रति जागरूकता, कुपोषित बच्चों का पोषण पुनर्वास केंद्र पर सन्दर्भन, शाला पूर्व शिक्षा में महत्व पर चर्चा, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा होम विजिट, आंगनबाड़ी केंद्रों के महत्व संबंधी गतिविधियों का आयोजन कराया गया।
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