हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। गोवर्धन के राधाकुंड में कुसुम सरोवर में पिछले एक सप्ताह से छोटे-बड़े जलचर मर रहे हैं। मछलियों के मरने से उठने वाली दुर्गंध से यहां आने वाले श्रद्धालु और पर्यटकों को जहां परेशानी हो रही है वहीं स्थानीय लोग परेशान हैं। उनमें आक्रोश पनप रहा है। पर्यटक स्थल कुसुम सरोवर के सौंदर्यीकरण पर राज्य सरकार पिछले एक दशक में करोड़ों रुपये खर्च कर चुकी है। बावजूद इसके सरोवर के जल से उठने वाली दुर्गंध से निजात नहीं मिल पाई है। इससे आसपास रहने वाले साधु-संत गिरिराज परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं को दिक्कतें होती हैं। विभागीय अधिकारियों को भी जलचरों की मौत की चिंता नहीं है। जबकि कुसुम सरोवर ऐतिहासिक धरोहर है और पुरातत्व विभाग के अधीन संरक्षित है। कुसुम सरोवर में मछलियों का मरना पहली बार नहीं है। पिछले साल भी काफी संख्या में मछलियां मरी थीं। घटना को लेकर लोगों में आक्रोश है। उत्तम शर्मा ने बताया कुसुम सरोवर में पिछले एक सप्ताह से मछलियां मर रही हैं। बताया जा रहा है कि सरोवर में मछलियों के मरने का कारण पानी में ऑक्सीजन की कमी होना है। ऐसा पिछले वर्ष भी हुआ था। डॉ. राजीव कुमार त्रिवेदी, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी, ने बताया
दो वर्ष पहले मत्स्य विभाग की टीम बुलाई गई थी। उनके द्वारा बताया गया पानी में ऑक्सीजन की कमी होने के कारण मछलियां मर रही हैं। कुसुम सरोवर के जल में चूना डलवाया जा रहा है। जिससे जल साफ हो जाएगा और ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ जाने से मछलियों की जान बचाई जा सकेगी।
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Author: Vijay Singhal
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