हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन की व्यवस्थाएं फेल हो रहीं हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि मंदिर के सेवायत गोस्वामियों को ही मंदिर में प्रवेश से रोका जा रहा है, जबकि पुलिस वीआईपी को खूब दर्शन करा रही है। इसे लेकर शनिवार की दोपहर मंदिर के सेवायत गोस्वामियों ने मंदिर प्रबंधक और पुलिस के सामने अपनी समस्या रखी है। पिछले दिनों से बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन की व्यवस्था बुरी तरह से चरमरा गई है। ठाकुरजी के दर्शन की अभिलाषा लिए आने वाले भक्तों को दर्शन नहीं हो पा रहे हैं। ऐसा नहीं है कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को ही दर्शन से वंचित रहना पड़ रहा है, स्थानीय लोग भी दर्शन नहीं कर पा रहे हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि मंदिर के सेवायत गोस्वामियों को ही अब प्रवेश करने के लिए रोका जा रहा है। सेवायतों के आरक्षित किए गए गेट नंबर 5 पर पुलिस का कब्जा है। यह आरोप मंदिर के सेवायतों ने लगाया है। इस समस्या को लेकर मंदिर के सेवायत लाल बिहारी गोस्वामी, राजू गोस्वामी, तरुण गोस्वामी, मनीष गोस्वामी, सांवरिया गोस्वामी, अंकित गोस्वामी, हिमांशु गोस्वामी, सोमनाथ गोस्वामी आदि ने मंदिर के प्रबंधक (प्रशासन) उमेश सारस्वत और बांकेबिहारी पुलिस चौकी प्रभारी राजकुमार से मुलाकात की। उन्होंने मंदिर के सेवायतों को ही गेट नंबर 5 से प्रवेश के रोके जाने पर नाराजगी जताई। वहीं पुलिसकर्मियों पर अपने लोगों और वीआईपी को दर्शन कराने का आरोप लगाया। गोस्वामियों का कहना है कि नियम के अनुसार जिस श्रद्धालु द्वारा मंदिर में फूल बंगला सजाया जाता है उसकी 15 हजार की मंदिर प्रबंधन से रसीद कटती है। जिससे वह परिवार के साथ दर्शन कर सकता है, आज पुलिस की मनमानी से वहीं लोग दर्शन नहीं कर पा रहे। जबकि पुलिसकर्मी 5 नंबर गेट से प्रवेश कराकर हर दिन सैकड़ों लोगों को दर्शन करा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अगर सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जाए तो सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा कि हम अपने यजमान की सूची पुलिस को एक दिन पहले देंगे, पुलिस अगले दिन उनकी आईडी की जांच कराकर मंदिर में प्रवेश दें, ऐसा पुलिस को भी करना होगा। वह अपने वीआईपी की सूची सार्वजनिक करें। उमेश सारस्वत, प्रबंधक प्रशासन बांकेबिहारी मंदिर ने कहा मंदिर के सेवायत गोस्वामियों की समस्या को सुना गया है। इस बारे में आगे उचित कार्रवाई करने का प्रयास किया जाएगा।
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Author: Vijay Singhal
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