हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिघल
मथुरा। बेसिक शिक्षा विभाग के खेल ही निराले हैं। आए दिन कुछ न कुछ गड़बड़ियां सामने आती रहती हैं। अब परीक्षा को लेकर एक बड़ी गलती सामने आई है। वार्षिक परीक्षा में प्रश्नपत्र 50 अंक के दिए गए। जबकि परीक्षाफल तैयार करने के लिए पूर्णांक 100 दिए जाने के आदेश आए हैं। इससे शिक्षकों के सामने नई दिक्कत खड़ी हो गई है। परिषदीय स्कूलों में हाल ही में 20 से 24 मार्च तक वार्षिक परीक्षाएं संपन्न कराई गई थीं। जनपद में लगभग 1.70 लाख बच्चों ने परीक्षा दी थी। परीक्षा के दौरान बच्चों को 50 अंक के प्रश्नपत्र दिए गए थे। 24 मार्च को परीक्षा समाप्त के बाद उत्तरपुस्तिकाएं जांची गईं। अब 28 मार्च को आए सचिव के एक नए आदेश ने शिक्षकों की मुसीबत बढ़ा दी है। आदेशानुसार, बच्चों को परीक्षाफल में पूर्णांक 100 में से अंक देने होंगे। इससे शिक्षकों को रिजल्ट कार्ड तैयार करने में अब अंक बढ़ाकर देने पड़ रहे हैं। वहीं कक्षा 3, 4 व 5 में अधिकतम 50 अंक की परीक्षा होनी थी। इसमें 15 अंक मौखिक व 35 अंक लिखित परीक्षा के लिए निर्धारित थे लेकिन इसके भी पेपरों में गड़बड़ हुई। इसमें भी प्रश्नों के अंकों का जोड़ 35 से अधिक था। हालांकि अब इसमें भी फेरबदल करना होगा। अब मौखिक परीक्षा में 15 के स्थान पर 30 और लिखित परीक्षा में 35 की जगह 70 अंक देने हैं। बीएसए वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि परीक्षा से पूर्व शासन के निर्देश के अनुसार ही 50 अंक का प्रश्नपत्र तैयार किया गया था। अब विभाग द्वारा पूर्णांक 100 में से अंक दिए जाने के निर्देश दिए हैं। यह निर्देश सभी खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से विद्यालयों को दे दिए गए हैं।देर शाम तक नहीं पहुंचे रिजल्ट कार्ड बीएसए ने भले ही खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने स्तर से रिजल्ट कार्ड बांटने के आदेश दे दिए हों लेकिन देर शाम तक विद्यालयों में रिजल्ट कार्ड नहीं पहुंचे थे। इससे शिक्षक परेशान रहे कि बच्चों को रिपोर्ट कार्ड कैसे वितरित करेंगे। लग रहा है कि बच्चों को बिना रिपोर्ट कार्ड दिए ही परीक्षाफल मौखिक बताया जाएगा।
7455095736
Author: Vijay Singhal
50% LikesVS
50% Dislikes
