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निकाय चुनाव: नए आरक्षण के गणित ने बदल दिए चेहरों के रंग

ByVijay Singhal

Mar 31, 2023
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल

मथुरा। राज्य सरकार की ओर से बृहस्पतिवार शाम निकाय चुनावों के लिए नई आरक्षण सूची जारी करते ही मेयर और चेयरमैन के संभावित उम्मीदवारों के चेहरों का रंग बदल गया। पिछली सूची ने जिन लोगों को खुशी दी थी वे बदले समीकरणों से निराश दिखे। वहीं जो पहले निराश थे उनकी बांछे खिल गईं। इसके साथ ही फिर से राजनीतिक हलचल शुरू हो गई है। मथुरा नगर निगम के मेयर का पद पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित था, जो अब अनारक्षित हो गया है। इसी तरह कोसीकलां नगर पालिका में चेयरमैन का पद महिला से अनारक्षित खाते में आ गया है। कई नगर पंचायतों में भी फेरबदल हुआ है। जनपद में एक नगर निगम, एक नगरपालिका और 13 नगर पंचायतों सहित कुल 15 निकाय हैं। इनमें से 8 निकायों में आरक्षण की स्थिति बदल गई है.।नई आरक्षण सूची ने खासकर मथुरा-वृंदावन नगर निगम में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी। पहली बार यह सीट अनुसूचित जाति के खाते में गई थी, लेकिन दिसंबर-जनवरी में जारी सूची में पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षण घोषित किया गया। हालांकि यह आरक्षण कोर्ट के दखल के बाद निरस्त हो गया। अब नए सिरे से जारी आरक्षण सूची में मेयर पद अनारक्षित घोषित किया गया है। इससे विभिन्न दलों से दावेदारों की संख्या बढ़ेगी। इसके अलावा जनपद की एक मात्र नगरपालिका कोसीकलां के चेयरमैन पद के आरक्षण में भी बदलाव हुआ है। महिला से यह सीट अनारक्षित घोषित की गई है। इनके अलावा नगर पंचायतों में महावन अनुसूचित जाति महिला, राधाकुंड अनुसूचित जाति, नंदगांव अन्य पिछड़ा वर्ग महिला, बाजना अनारक्षित, सौंख व फरह अन्य पिछड़ा वर्ग, बलदेव, चौमुहां, राया व गोकुल अनारक्षित, बरसाना, छाता और गोवर्धन महिला के लिए आरक्षित की गई हैं। इसमें राधाकुंड से चेयरमैन पद अनारक्षित से अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गया है, इससे सामान्य वर्ग के संभावित उम्मीदवारों में मायूसी छा गई है, वहीं चौमुहां में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। सौंख नगरपंचायत की स्थिति यथावत है। मथुरा-वृंदावन नगर निगम, कोसी नगरपालिका और नगर पंचायतों में गोकुल, बलदेव, बाजना, बरसाना फरह, गोवर्धन। अन्य 7 नगर पंचायतों में आरक्षण की स्थिति यथावत है।

निकाय घोषित आरक्षण
मथुरा नगर निगम – अनारक्षित
कोसी नगर पालिका – अनारक्षित
महावन नगर पंचायत – अनुसूचित जाति महिला
नंदगांव नगर पंचायत – अन्य पिछड़ा वर्ग महिला
राधाकुंड नगर पंचायत – अनुसूचित जाति
बाजना नगर पंचायत – अनारक्षित
सौंख नगर पंचायत – अन्य पिछडा वर्ग
बलदेव नगर पंचायत – अनारक्षित
बरसाना नगर पंचायत – महिला
गोवर्धन नगर पंचायत – महिला
छाता नगर पंचायत – महिला
चौमुहां नगर पंचायत – अनारक्षित
फरह नगर पंचायत – अन्य पिछड़ा वर्ग
गोकुल नगर पंचायत- अनारक्षित
राया नगर पंचायत – अनारक्षित

मथुरा-वृंदावन नगर निगम की राजनीति ने फिर ली करवट
नए सिरे से घोषित निकाय आरक्षण ने मथुरा-वृंदावन नगर निगम की राजनीति को गर्मा दिया है। पिछड़ा वर्ग महिला के खाते में जाने से सामान्य वर्ग में जो निराशा के भाव थे, वो अब जोश में बदल गए हैं। टिकट की दावेदारी के लिए विभिन्न दलों के नेताओं ने लखनऊ और दिल्ली फोन लगाने शुरू कर दिए। दरअसल जातिगत गणना के मुताबिक मथुरा-वृंदावन नगर निगम में सर्वाधिक संख्या सामान्य वर्ग की है। इसके बावजूद दिसंबर 2022 में जारी आरक्षण सूची में मेयर पद पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित किया गया था, जिससे सामान्य वर्ग की राजनीतिक सरगर्मियां ठंड़ी पड़ गई थीं, लेकिन नई आरक्षण सूची को देख एक बार फिर राजनीति ने करवट ले ली है। भाजपा में सामान्य पद के लिए सर्वाधिक दावेदार हैं। मथुरा-वृंदावन शहरी क्षेत्र सामान्य वर्ग में ब्राह्मण और वैश्य बहुल माना जाता है। इसी दृष्टि से विधानसभा में भाजपा ने ब्राह्मण प्रत्याशी पर दांव खेला था, लेकिन मेयर पद के लिए वैश्य वर्ग अपना दावा जता रहा है।

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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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