हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिघल
मथुरा। विद्यालय में इंटरमीडियेट की मान्यता न होने के बाद भी विद्यार्थियों का प्रवेश लेना प्रधानाचार्य को भारी पड़ गया। विद्यार्थी परीक्षा नहीं दे पाए। इनमें से 2 विद्यार्थियों ने जिलाधिकारी से शिकायत की। जिसके बाद हुई जांच में प्रवेश लेने वाले विद्यालय तथा संबद्धीकरण करने वाले विद्यालय के प्रधानाचार्य दोषी पाए गए। डीआईओएस ने दोनों प्रधानाचार्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।शिकायतकर्ता अंकित कुमार पुत्र गोपाल प्रसाद तथा नगीना कुमारी पुत्री राधेश्याम निवासी गांव अडींग ने डीएम से शिकायत की थी कि लार्ड कृष्णा इंटर काॅलेज अडींग के प्रधानाचार्य ने इंटरमीडिएट की मान्यता न होने के बाद भी छात्रों को भ्रमित कर अपने यहां प्रवेश ले लिया। इन विद्यार्थियों का संबद्धीकरण भगत सिंह इंटर काॅलेज महरौली में कराया गया। उक्त छात्रों का कहना है कि कक्षा 11 का पंजीकरण फार्म बोर्ड कार्यालय मेरठ अग्रसारित नहीं किया गया। जिससे दोनों ही विद्यार्थी 2022-2023 की बोर्ड परीक्षा नहीं दे पाए और उनका भविष्य बर्बाद हो गया। जबकि फीस लगातार ली जाती रही। डीएम ने शिकायत के बाद डीआईओएस को जांच के आदेश दिए। डीआईओएस ने राजकीय हाईस्कूल विबावली मांट के प्रधानाचार्य संदेश कुमार को जांच सौंपी। अधिकारी को जांच में दोनों विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की गलती मिली। डीआईओएस भास्कर मिश्र ने बताया कि लार्ड कृष्णा इंटर काॅलेज के पास बारहवीं की मान्यता नहीं थी। इसके बाद भी वर्ष 2021-2022 में कक्षा 11 में अपने यहां विद्यार्थियों के प्रवेश ले लिए। जब पंजीकरण की अंतिम तारीख तक मान्यता नहीं मिली तो छात्रों का प्रवेश भगत सिंह इंटर काॅलेज महरौली में करा दिया। लेकिन 12वीं के लिए छात्रों का पंजीकरण फार्म बोर्ड को अग्रसारित नहीं किया। जिससे उक्त छात्रों को रोल नंबर अलॉट नहीं हो सका और वह परीक्षा नहीं दे पाए। दोनों स्कूल के प्रबंधकों को प्रधानाचार्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
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Author: Vijay Singhal
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