हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिघल
मथुरा। वृंदावन में वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तरह ही बांकेबिहारी मंदिर में भी कॉरिडोर बनाने की तैयारी शुरू हो गई हैं। कॉरिडोर को लेकर पिछले दिनों सर्वे का काम पूरा हो चुका है। ये पूरा कॉरिडोर पांच एकड़ में बनाया जाएगा। कॉरिडोर के तीन रास्ते होंगे, जिनके जरिए मंदिर तक पहुंचा जा सकेगा, ये पूरा कॉरिडोर दो मंजिला होगा। इधर इसका विरोध भी जारी है। प्रस्तावित प्लान के मुताबिक कॉरिडोर से मंदिर जाने के तीन रास्ते होंगे, पहला रास्ता जुगल घाट से होगा, दूसरा रास्ता विद्यापीठ चौराहे से और तीसरा जादौन पार्किंग से होगा। इस प्रस्ताव को बनाने से पहले डीएम द्वारा गठित की गई टीम ने बांकेबिहारी मंदिर और उसके आसपास के भवनों का चिन्हाकन किया। लगभग 321 भवनों को चिन्हित कर अपनी रिपोर्ट डीएम को प्रेषित कर दी गई। कॉरिडोर मार्ग पर आने वाली संपत्तियों के अधिग्रहण के लिए 200 करोड़ रुपये का मुआवजा बांटे जाने का प्रस्ताव भी बनाया गया। इधर बांकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर का विरोध भी जारी है। मंदिर के राजभोग सेवाधिकारी और शयन भोग सेवाधिकारी गोस्वामियों ने न्यायालय की शरण ली है, वहीं कॉरिडोर निर्माण के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन भी हुए। कॉरिडोर से प्रभावित व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने बांकेबिहारी बाजार में लगभग सवा माह तक दुकानें बंद रखकर सरकार एवं प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किए। इस बीच, जिलाधिकारी पुलकित खरे ने कॉरिडोर निर्माण के लिए आम सहमति बनाने के प्रयास भी किए, लेकिन न मंदिर के सेवायत गोस्वामी अपनी बात से पीछे हटने का राजी हो रहे हैं और न प्रभावित लोग माने हैं। याद रहे कि पिछले साल इलाहाबाद हाईकोर्ट में यूपी सरकार ने बांकेबिहारी मंदिर में कॉरिडोर बनाने की बात कही थी।
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Author: Vijay Singhal
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