हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिघल
मथुरा। बेसिक शिक्षा परिषद की पांच दिवसीय परीक्षाएं शुक्रवार को समाप्त हो गईं। इसमें लगभग 1.70 लाख विद्यार्थी शामिल हुए। परीक्षाओं के दौरान आने वाले विभागीय आदेशों के चलते शिक्षकों को परेशानियां झेलनी पड़ीं। प्राइमरी एवं जूनियर हाईस्कूल की परीक्षाएं 20 मार्च को आरंभ हुईं। प्रतिदिन दो पालियों में हुईं परीक्षाओं के अंतिम दिन 24 मार्च को जूनियर हाईस्कूल की परीक्षा थी। अब इन उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन आरंभ होगा। 31 मार्च को विद्यार्थियों को परीक्षा फल वितरित कर 1 अप्रैल से नये सत्र का आरंभ हो जाएगा। उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन किस तरह और कहां होगा, इसे लेकर कोई विभागीय आदेश नहीं आया है। इससे अभी तक कॉपियां विद्यालयों में रखी हैं। शिक्षकों में भी असमंजस बना हुआ है। अभी तक विद्यालयों में अंकपत्र भी नहीं पहुंचे हैं, जबकि 31 मार्च को परीक्षाफल वितरित किया जाना है। विभाग द्वारा अभी तक लिखित एवं मौखिक परीक्षाओं के नंबर निर्धारित नहीं किए हैं। सचिव स्तर पर जारी आदेश में प्राइमरी विद्यार्थियों को विषयवार लिखित व मौखिक परीक्षा में अधिकतम 50 अंक देने के लिए कहा गया है। जबकि प्राइमरी की लिखित परीक्षा के कई विषयों के अधिकतम पूर्णांक ही 50 हैं। ऐसे में मौखिक परीक्षाओं में किस तरह अंक दिए जाएं इस पर शिक्षकों में संशय की स्थिति है। शिक्षक सोशल मीडिया पर इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं।
मार्च माह होने के कारण महानिदेशक स्तर से आदेश आया कि कंपोजिट ग्रांट का इसी माह उपभोग करना है। बिल सहित अन्य कार्यों की पीएफएमएस पोर्टल पर एंट्री करने सहित यूडाइस पर छात्र प्रोफाइल पूरी करनी थी। मांट विकासखंड में 21 मार्च को दिव्यांग बच्चों के लिए शिविर लगाया गया। इन सबके कारण विद्यार्थियों और शिक्षकों को परीक्षा के दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ा। शुक्रवार को परीक्षा के अंतिम दिन भी कुछ ब्लॉक में वर्कशॉप हुईं।
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Author: Vijay Singhal
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