हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिघल
मथुरा। गोवर्धन के गांव महरोली में 13 वर्ष पूर्व छत से बिजली का जंपर डालने को लेकर चार लोगों पर हुए जानलेवा मामले में अदालत ने एक पर दोष सिद्ध कर दिया, जबकि एक को बरी कर दिया। वारदात में शामिल एक अन्य नाबालिग की फाइल को अदालत ने अलग कर दिया था। गोवर्धन के गांव महरौली निवासी रामेश्वर की छत से ग्रामीण विक्रम आदि द्वारा विद्युत जंपर डाला जाता था। जिसका उसने विरोध किया और जंपर उतार दिया। इस विरोध के चलते विक्रम आदि उससे रंजिश मानने लगे और 02 मार्च 2010 को विक्रम, बच्चू और रमचो ने बंदूक से फायरिंग कीं। रामेश्वर के परिजन भगवान सिंह, कन्हैया, सीमा और भारती घायल हो गए। इस संबंध में रामेश्वर ने रिपोर्ट दर्ज कराई। केस की सुनवाई एडीजे पंचम कमलेश पाठक की अदालत में हुई। अदालत ने बच्चू को दोष सिद्ध करते हुए जेल भेज दिया। जबकि रमचो को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। एडीजीसी अवनीष उपाध्याय ने बताया कि अभियोजन ने केस में नौ गवाह परीक्षित कराए गए। रमचो को संदेह के लाभ के चलते बरी कर दिया। एक अन्य आरोपी विक्रम के नाबालिग होने के कारण केस की फाइल अलग हो गई थी। अब अदालत 22 मार्च को सजा पर निर्णय सुनाएगी।
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Author: Vijay Singhal
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