हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा ईंट-भट्ठों की चिमनी से पांच महीने बाद धुआं निकलना शुरू हो गया। जिससे ईंटों की किल्लत दूर होगी और उनके दाम में जल्द कमी आएगी। क्योंकि जिले में अधिकतर भट्ठों पर ईंट खत्म होने के कारण दाम में करीब एक हजार रुपये तक की बढ़ोतरी चल रही थी। जनपद में करीब 250 ईंट-भट्ठे हैं। इनको एनसीआर में होने के कारण एनजीटी के आदेश के अनुसार अक्तूबर में बंद करा दिया था। जहां फरवरी तक के लिए ईंटों का स्टॉक होता था, लेकिन इस बार भट्ठों को फरवरी में नहीं चलवाया गया। उन पर ईंट का स्टॉक खत्म हो गया। जिससे भवन निर्माण कार्य प्रभावित होने लगे और ईंटों के दाम में बढ़ोतरी होनी शुरू हो गई। जहां पहले पांच हजार रुपये में एक हजार ईंट मिल रही थीं, वह बढ़कर छह हजार तक पहुंच गई। अब भट्ठों की शुरूआत हो गई। अगले 15 दिन में ईंट का काफी स्टॉक उन पर हो जाएगा। उसके बाद ईंट के दाम में 500-1000 रुपये तक की कमी होने की बात कही जा रही है।
भट्ठों को शुरू कर दिया है। जिससे ईंटों की किल्लत दूर हो जाएगी और भवन निर्माण में किसी तरह की समस्या नहीं होगी।
धर्मवीर अग्रवाल, जिला उपाध्यक्ष, ईंट-भट्ठा एसोसिएशन ने कहा इस बार भट्ठे कुछ देरी से शुरू हुए हैं। अब जल्द ही ईंटों का स्टॉक लग जाएगा और उसके बाद दाम भी एक हजार रुपये तक कम हो जाएंगे। जिससे भवन निर्माण करने वालों को राहत मिलेगी।निखिल अग्रवाल, भट्ठा संचालक ने कहा जिले के ज्यादातर भट्ठे शुरू हो गए हैं और अब ईंटों की कमी नहीं रहेगी। ईंटों की अन्य जगह सप्लाई भी बाधित हो रही थी। वह भी अब शुरू हो जाएगी।
धर्मवीर अग्रवाल, जिला उपाध्यक्ष, ईंट-भट्ठा एसोसिएशन ने कहा इस बार भट्ठे कुछ देरी से शुरू हुए हैं। अब जल्द ही ईंटों का स्टॉक लग जाएगा और उसके बाद दाम भी एक हजार रुपये तक कम हो जाएंगे। जिससे भवन निर्माण करने वालों को राहत मिलेगी।निखिल अग्रवाल, भट्ठा संचालक ने कहा जिले के ज्यादातर भट्ठे शुरू हो गए हैं और अब ईंटों की कमी नहीं रहेगी। ईंटों की अन्य जगह सप्लाई भी बाधित हो रही थी। वह भी अब शुरू हो जाएगी।
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Author: Vijay Singhal
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