हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। घर के बाहर कूड़ा डालने को लेकर हुए मामूली से विवाद में 20 वर्ष पूर्व हुई वारदात में ग्रामीण की हत्या के मामले में अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश-10 अवनीश कुमार पांडेय ने तीन सगे भाइयों सहित एक महिला को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वारदात में शामिल एक व्यक्ति की सुनवाई के दौरान मौत हो गई। 17 अक्तूबर 2003 में राया के गांव मदैम में ग्रामीण छीतर सिंह ग्रामीण विक्रम सिंह के घर के बाहर कूड़ा आदि डाल रहा था। जिसका विक्रम सिंह के परिजन ने विरोध किया तो छीतर सिंह ने मारपीट कर दी। इस घटना के बाद छीतर सिंह तथा उसके पुत्र कैलाश पुत्र छीतर सिंह, सुभाष पुत्र छीतर सिंह, प्रकाश पुत्र छीतर सिंह और रामा उर्फ पुष्पा पत्नी कैलाश तथा एक अन्य नाबालिग ने मिलकर विक्रम तथा उसके परिजन पर हमला बोल दिया और विक्रम सिंह को गोली मारकर अन्य को लहूलुहान कर दिया। गंभीर हालत में इलाज के लिए ले जाते समय विक्रम सिंह ने दम तोड़ दिया। वारदात की रिपोर्ट मृतक विक्रम सिंह के भाई रंधीर सिंह ने कराई। केस की सुनवाई अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश- 10 में हुई। सुनवाई के दौरान छीतर सिंह की मौत हो गई तथा नाबालिग के केस को अलग कर दिया गया। बुधवार को अदालत ने हत्या की वारदात में दोषी मानते हुए कैलाश पुत्र छीतर सिंह, सुभाष पुत्र छीतर सिंह, प्रकाश पुत्र छीतर सिंह और रामा उर्फ पुष्पा पत्नी कैलाश को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। एडीजीसी ब्रिजेश कुंतल ने बताया कि सुनवाई के दौरान छीतर सिंह की मौत हो गई। अदालत ने चारों अभियुक्त को आजीवन कारावास तथा ३३ हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। निर्णय के बाद सभी अभियुक्तगण को जेल भेज दिया गया।
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Author: Vijay Singhal
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