हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा के थाना जैंत क्षेत्र में शुक्रवार रात हुई आशीष की हत्या में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। उसकी प्रेमिका रूपा के पिता और मंगेतर ने पहले आशीष का गला घोंटा, फिर कुल्हाड़ी से सिर पर वार किए। सबूत मिटाने के लिए शव में आग लगा दी थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। सुल्तानपुर के गोसाईगंज का रहने वाला 32 वर्षीय आशीष मथुरा के जैंत इलाके के कृष्णा वैली होटल में सफाई नायक की नौकरी कर रहा था। यहीं पर आशीष की मुलाकात बिहार के सीवान की रहने वाली युवती रुपा से मुलाकात हुई। रुपा आशीष को चाहने लगी और उसी के साथ लिव इन में रहने लगी। आशीष पहले से शादीशुदा था। रुपा की सगाई वहीं के रहने वाले आकाश से हो चुकी थी, लेकिन रुपा खुश नहीं थी। आकाश रुपा को प्यार करता था। आकाश को जब आशीष के बारे में पता चला तो वह आग बबूला हो गया। उसने रुपा के पिता वीर बहादुर के साथ मिलकर साजिश रची। रूपा के पिता वीर बहादुर को शक था कि गांव में 10 बीघा जमीन को रुपा आशीष के नाम कर देगी। इसलिए वो भी हत्या की प्लानिंग में शामिल हो गए। आकाश और वीर बहादुर ने आशीष को रास्ते से हटाने के लिए गोरखपुर के बांझगांव निवासी राहुल से संपर्क किया। राहुल को आकाश पहले से जानता था। आकाश ने राहुल को रास्ते से हटाने के लिए 70 हजार रुपए में सुपारी दी। सुपारी लेने के बाद राहुल वारदात से 10 दिन पहले मथुरा आया और उसने आशीष के साथ दोस्ती बढ़ाई। 10 दिन तक आशीष के साथ रहने के बाद जब दोनों में दोस्ती हो गई तो राहुल ने आकाश और वीर बहादुर को मथुरा बुला लिया मथुरा आने के बाद आकाश और राहुल शुक्रवार की शाम को आशीष के साथ उसी की मोटर साइकिल पर घूमने निकले। इसके बाद तीनों ने दिल्ली आगरा नेशनल हाईवे पर स्थित एक ढाबे पर खाना खाया। इसके बाद तीनों मोटर साइकिल पर सवार होकर वापस लौटने लगे। यह लोग जैसे ही छटीकरा कस्बे से गरुड़ गोविंद मंदिर की तरफ आगे बढ़े और पहले से तय किए गए स्थान पर पहुंच गए। यहां राहुल और आकाश ने पहले रस्सी से आशीष का गला दबाया फिर छुपाकर रखी कुल्हाड़ी उसके सर पर दे मारी। आशीष की हत्या करने के बाद राहुल और आकाश उसके शव को पास में ही सरसों के खेत में ले गए। जहां आशीष की ही मोटर साइकिल से पेट्रोल निकालकर सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को आग लगा दी।
