हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। आधुनिक भारत के चिन्तक, महान समाज सुधारक प्रखर वक्ता, भारतवर्ष को वेदों की ओर लौटाने के लिए प्रेरित करने वाले तथा आर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानन्द सरस्वती की जन्म जयंती पूरे भारत वर्ष में सामाजिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कर बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाई जा रही है। इसी उपलक्ष्य में ऋषि बोध सप्ताह के अवसर पर रविवार को महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती की 200 वी जन्म जयंती ओल्ड जीटी रोड स्थित आर्य समाज मंदिर में हवन यज्ञ कर मनाई गई। इस अवसर पर आर्य समाज मंदिर यज्ञशाला एवं हवन वेदी को आकर्षित फूलों से सजाया गया। ततपश्चात समाज के पदाधिकारियों, सदस्यों, सामाजिक लोगो एवं शिक्षण संस्थान कि अध्यापिकाओं के द्वारा वैदिक मंत्रों के साथ हवन यज्ञ किया। इसी उपरांत भजनोपदेशक के भजनों के माध्यम से महर्षि दयानंद सरस्वती के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके द्वारा किये गए कार्यों को याद किया। इस मौके पर समाज के प्रधान डॉ अमरसिंह पोनियां, मंत्री नरेंद्र कुमार आर्य, सत्यप्रकाश आर्य, विजय आर्य, सुरेंद्र कुमार आर्य, सुरेश आर्य, अजय आर्य, रोहताश आर्य, प्रेमसिंह आर्य,महेश आर्य, गजेंद्र आर्य, धर्म प्रकाश आर्य, भगवत शरण आर्य, नंदकिशोर आर्य योगिता आर्य, मीनाक्षी आर्य, ममता आर्य, कृष्णा आर्य सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। इस अवसर आर्य समाज मंदिर में महर्षि दयानंद सरस्वती के 200वें जन्म जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम को लेकर आर्य समाज के मंत्री नरेन्द्र कुमार आर्य ने जानकारी देते हुए कहा कि स्वामी दयानन्द सरस्वती को आधुनिक भारत के महान चिन्तक और समाज-सुधारक के साथ ही एक देशभक्त के रूप में भी पहचाना जाता है। स्वामी जी प्रचलित धर्मों में व्याप्त बुराइयों का कड़ा खण्डन करते थे चाहे वह सनातन धर्म हो या इस्लाम हो या ईसाई धर्म हो। महर्षि दयानंद सरस्वती ने लोगो को वेदों की ओर लौटाने के प्रेरित किया। ऋषि बोध सप्ताह 12 फरवरी से 18 फरवरी तक बड़े ही धूमधाम के साथ हवन यज्ञ के साथ मनाया जाएगा।
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Author: Vijay Singhal
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