हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिघल
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि को विवाद को लेकर रविवार को मथुरा में साधु-संतों ने बैठक की। इस दौरान साधु-संतों ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि के अहम दस्तावेज सभी के सामने रखे। साथ ही सवाल उठाया कि आखिर कब तक परीक्षा देनी होगी। अभी राम मंदिर नहीं बना, पर रामचरित मानस की प्रतियां जलाई जा रही हैं। इसलिए संविधान में बदलाव कर समान नागरिक संहिता कानून बनाने की जरूरत है। महामंडलेश्वर नवल योगी महाराज ने कहा, ”5256 साल से साक्ष्य दे रहे हैं फिर भी प्रमाण पूरे नहीं हुए। शर्म की बात है कि सनातन धर्म को अपने मंदिर के लिए लड़ाई लड़नी पड़ रही है। किसी ने जबरन घर में घुसकर कब्जा किया और हम साक्ष्य देते फिर रहे हैं। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान से संबंधित ऐतिहासिक, राजस्व और धर्म ग्रंथों से संबंधित दस्तावेज सभी के सामने रखे गए। न्यायालय में चल रही कार्रवाई के बारे में जानकारी दी गई।महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा, ”श्रीकृष्ण जन्मभूमि की जमीन पर औरंगजेब ने कब्जा कर शाही ईदगाह बनाई है। शाही ईदगाह जहां बनी है, वह जगह आराध्य भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि है और भगवान का असली गर्भगृह है।” संत वेदानंद गिरी महाराज ने कहा, ”परीक्षा तब तक देनी होगी, जब तक संविधान में संशोधन नहीं होता। अभी राम मंदिर नहीं बना है। उससे पहले रामचरित मानस की प्रतियां जला रही हैं इसलिए समान नागरिक संहिता कानून बनना चाहिए। धर्माचार्य आचार्य बद्रीश ने कहा, ”भारत हिंदू राष्ट्र घोषित हो, मुस्लिम दूसरे दर्जे के नागरिक हों।” वहीं, संत मोहिनी शरण महाराज ने कहा, ”घर-घर जाकर अलख जगाने की जरूरत है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के लिए सभी एकत्रित हों। मथुरा के होटल हुई बैठक में श्रीकृष्ण जन्मभूमि को मुक्त कराने की रणनीति बनाई गई। न्यायिक प्रक्रिया के अलावा किस तरह से श्री कृष्ण जन्मभूमि की जगह पर बनी शाही ईदगाह को हटाया जाए] इस पर मंथन संतों ने अपनी राय रखी । साथ ही साधु-संतों में क्या भूमिका होगी, इस पर भी चर्चा की गई है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि शाही ईदगाह विवाद को लेकर मथुरा की कोर्ट में विभिन्न लोगों और संगठनों ने 12 से ज्यादा वाद दाखिल किए हैं, जिन पर अदालत में सुनवाई चल रही है। कोर्ट में दाखिल वाद में श्रीकृष्ण जन्मभूमि की 13.37 एकड़ भूमि मुक्त कराने की मांग अदालत से की गई है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास द्वारा भी कोर्ट में जमीन मुक्त कराने, शाही ईदगाह का सर्वे कराने की मांग को लेकर कोर्ट में वाद दाखिल किए हुए हैं। इन वादों पर मथुरा की विभिन्न अदालतों में सुनवाई चल रही है। बैठक में संत गोविंदानंद महाराज, महामंडलेश्वर नवल योगी महाराज, संत डॉक्टर आदित्यानंद महाराज, संत सत्यमित्रानंद महाराज, संत गंगा शरण महाराज, संत वेदानंद गिरी महाराज, संत देवानंद महाराज, अखिल भारत हिंदू महासभा की जिलाध्यक्ष छाया गौतम, इस्कॉन के रखाल दास सहित कई लोग उपस्थित हैं। मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर विवाद दशकों पुराना है। मथुरा का ये विवाद कुल 13.37 एकड़ जमीन पर मालिकाना हक से जुड़ा है। 12 अक्टूबर 1968 को श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान ने शाही मस्जिद ईदगाह ट्रस्ट के साथ समझौता किया था। इस समझौते में 13.7 एकड़ जमीन पर मंदिर और मस्जिद दोनों बनने की बात हुई थी। गौरतलब है कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान के पास 10.9 एकड़ जमीन का मालिकाना हक है। जबकि ढाई एकड़ जमीन का मालिकाना हक शाही ईदगाह मस्जिद के पास है। हिंदू पक्ष शाही ईदगाह मस्जिद को अवैध तरीके से कब्जा करके बनाया गया ढांचा बताता है और इस जमीन पर भी दावा किया है। हिंदू पक्ष की ओर से शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने और ये जमीन भी श्रीकृष्ण जन्मस्थान को देने की मांग की गई है।
7455095736
Author: Vijay Singhal
50% LikesVS
50% Dislikes
