• Mon. Jun 22nd, 2026

मथुरा पुलिस की साइबर ठगी पर प्रहार, सिम नहीं,अब मोबाइल हो रहे लॉक

ByVijay Singhal

Jun 22, 2026
Spread the love
हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। मथुरा पुलिस के अनुसार, साइबर ठग अक्सर किसी वारदात को अंजाम देने के बाद सिम कार्ड फेंक देते थे और उसी मोबाइल में नया फर्जी सिम डालकर दोबारा सक्रिय हो जाते थे। लेकिन, अब ऐसा करना मुमकिन नहीं होगा। जैसे ही किसी ठगी की रिपोर्ट दर्ज होती है, नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीसीआरपी) और टेलीकॉम विभाग के समन्वय से उस वारदात में इस्तेमाल हुए मोबाइल के आईएमईआई नंबर को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाता है। इसके बाद वह मोबाइल फोन एक डिब्बे की तरह बेकार हो जाता है। फिर कोई भी सिम डालो, लेकिन वह काम करना बंद कर देगा। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बाद पुलिस ने यह तरीका निकाला है। मथुरा पुलिस अब तक ठगों के 12 हजार से अधिक मोबाइल फोनों को लॉक करा चुकी है। इन ठगों की लोकेशन झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान आदि प्रदेशों की निकली है। साइबर ठगी के लिए बदनाम  थाना गोवर्धन के गांव देवसेरस, दौलतपुर, मडौरा, मलसराय, भगौसा, नगला अकतिया, कामा रोड गोवर्धन, थाना बरसाना के गांव हाथिया और नगला जानू, थाना कोसीकलां के शाहपुर, उटाबर, थाना शेरगढ़ के विशंभरा, बाबूगढ, गुलालपुर, छाता कोतवाली के छाता और शेरगढ़ क्षेत्र साइबर ठगी के लिए बदनाम हैं। पुलिस ने इन्हें रेड जोन घोषित कर रखा है। कई बार दबिश देकर दर्जनों ठगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। श्लोक कुमार, एसएसपी ने बताया, साइबर ठगी से बचाव के लिए पुलिस अपने स्तर पर कार्य कर रही है। ठगी से बचने के लिए लोगों को भी सावधानी बरतनी होगी। साइबर ठग लगातार अपने तरीके बदल रहे हैं। लोग इससे सावधान रहे तो ठगी की वारदातों में कमी आएगी। हालांकि पुलिस ने अब 12 हजार से अधिक ठगों के मोबाइल फोन को लॉक कराए हैं। ये ठग अलग-अलग राज्यों में बैठकर वारदात को अंजाम दे रहे थे।
7455095736
Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published.