हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। छाता में रजिस्ट्री व्यवस्था के निजीकरण के सरकारी प्रस्ताव के विरोध में छाता तहसील में दस्तावेज लेखकों का आक्रोश दूसरे दिन भी बरकरार रहा। यह हड़ताल और अधिक व्यापक हो गई, जब छाता तहसील के अधिवक्ताओं ने भी मंच साझा करते हुए धरना प्रदर्शन को समर्थन दिया।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश पालीवाल ने बताया कि रजिस्ट्री का निजीकरण न केवल भ्रष्टाचार को बढ़ावा देगा, बल्कि आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। उन्होंने अपनी आजीविका को लेकर भी चिंता जताई। वक्ताओं ने कहा कि इस निर्णय से बड़ी संख्या में दस्तावेज लेखक और अधिवक्ता बेरोजगार होंगे, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। धरने के बाद, अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उप जिलाधिकारी और तहसीलदार को एक संयुक्त ज्ञापन सौंपा। दस्तावेज लेखक के अध्यक्ष वेदेंद्र द्विवेदी ने कहा कि उनकी मांगों पर शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे इस हड़ताल को बड़े आंदोलन का रूप देने के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान शिव सिंह एडवोकेट, प्रेमपाल सिंह जादौन, रामकिशोर वार्ष्णेय, सुनील पांडे, ओमप्रकाश ठाकुर, दाऊ दयाल गौड़, आशीष शर्मा एडवोकेट, महेंद्र शर्मा, नरेंद्र चौधरी, आशीष भारद्वाज और मोहन श्याम पचौरी आदि मौजूद रहे।
7455095736
Author: Vijay Singhal
50% LikesVS
50% Dislikes
