हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। यमुना के जल शुद्धिकरण के प्रयासों ने गति पकड़ी है। समाजसेवी गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने नमामि गंगे परियोजना के अधिकारियों के साथ निर्माणाधीन एसटीपी प्लांटों का निरीक्षण किया है। इनके निर्माण से यमुना के जल की गुणवत्ता सुधरेगी। मथुरा के गोकुल बैराज, वृंदावन के सुनरख, छाता और कोसी में एसबीआर टेक्नोलॉजी आधारित बड़े एसटीपी प्लांट तैयार किए जा रहे हैं। इन चारों स्थानों से बड़े पैमाने पर गंदा पानी यमुना में प्रवाहित होता है। परियोजना से जुड़े अधिकारियों का दावा है कि लगभग दो वर्ष में ये प्लांट तैयार होकर काम करना शुरू कर देंगे। गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने परियोजना प्रबंधक आरपी सिंह और जेई नरेश कुमार सहित अन्य कर्मचारियों से प्लांट के संंबंध में जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि इन प्लांटों के शुरू होने के बाद यमुना जल की गुणवत्ता में सुधार आएगा। गोकुल बैराज पर निर्माणाधीन प्लांट पर 292 करोड़ रुपये, सुनरख में 77 करोड़, छाता में 56 करोड़ और कोसी में 66 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इन चार परियोजनाओं पर लगभग 491 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
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Author: Vijay Singhal
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