हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने घनी आबादी वाले क्षेत्र में मोबाइल टावर लगाने के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए निर्माण कार्य पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि आवासीय क्षेत्र, स्कूल या अस्पताल से 100 मीटर के भीतर टावर लगाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। यह आदेश रिट-सी संख्या 8309/2026 की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने पारित किया। मामला वृंदावन रोड स्थित राधा निवास, हनुमान वाटिका, टटिया क्षेत्र का है। यहां निजी कंपनी द्वारा एक ही प्लॉट में दूसरा मोबाइल टावर लगाया जा रहा था। क्षेत्रीय लोगों ने घनी आबादी, मंदिर और स्कूलों की मौजूदगी का हवाला देते हुए इसका विरोध किया। याची अनुपम आचार्य ने अदालत में बताया कि वह प्रस्तावित स्थल से महज तीन मीटर की दूरी पर रहते हैं। क्षेत्र की आबादी करीब 3000 है। उन्होंने निर्माण कार्य के फोटो भी प्रस्तुत किए। याची पक्ष के अधिवक्ताओं ने छेदीलाल यादव बनाम भारत संघ के फैसले का हवाला दिया। इसमें कहा गया है कि टावर लगाने में वन क्षेत्र को पहली प्राथमिकता दी जाए, इसके बाद खुले या सार्वजनिक स्थान चुने जाएं, आवासीय क्षेत्र में टावर केवल अपरिहार्य स्थिति में और स्थानीय लोगों की सहमति से लगाया जाए, किसी भी घर, स्कूल या अस्पताल से 100 मीटर के भीतर टावर नहीं लगाया जा सकता। टावर लगाने का फैसला जिला स्तरीय समिति करेगी।
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Author: Vijay Singhal
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