हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। दुधमुंही बच्ची को अपनी मां का आंचल भी नहीं नसीब नहीं हुआ। अभागी अबोध को कहें या उस मां को, जिसने अपनी कोख से उसे जन्म दिया। उसे जीवित ही जल प्रवाह कर दिया या सांसें थमने के बाद, यह कहना भी पुलिस के लिए मुश्किल है। करीब डेढ़ माह की नन्हीं बच्ची के शरीर पर कोई कपड़ा भी नहीं मिला है। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया है। वाकया शहर के बीचोंबीच विश्राम घाट के पास का है। यमुना के इस घाट पर अमूमन सुबह स्नानार्थियों की भीड़ रहती है। बृहस्पतिवार की सुबह जब कुछ लोग नित्य की भांति यमुना घाट पर पहुंचे तो उन्हें किनारे पर ही बच्ची का शव उतराता नजर आया। पहले तो लोगों ने उसे पास जाकर देखा कि कहीं सांस तो बाकी नहीं है, लेकिन वह दम तोड़ चुकी थी। बच्ची के शरीर पर कोई कपड़ा भी नहीं था। ऐसे में प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कोई बच्ची को यमुना में फेंक गया। आसपास के लोगों ने बच्ची का शव देखा तो द्रवित हो गए। एसएचओ विनोद बाबू मिश्रा ने बताया कि बच्ची को संभवत: किसी ने यमुना में फेंका है। पुलिस का कहना है कि बच्ची को किसी ने यमुना में फेंका है। अगर जल प्रवाह दिया भी जाता तो उसके शरीर पर कुछ कपड़े होते। ऐसे में आशंका जताई कि करीब डेढ़ से दो माह की बच्ची को यहां लाकर फेंका गया है। बच्ची का शव भी दो दिन पुराना प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम के लिए शव को भेजा है।
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Author: Vijay Singhal
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