हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। थाना साइबर पुलिस टीम ने बैंक आफ महाराष्ट्र की कृष्णा नगर शाखा के आधा दर्जन से अधिक खातों के एटीएम कार्ड बदल कर करीब एक करोड़ की ठगी करने का खुलासा किया। इसके मास्टर माइंड बैंक में संविदा कर्मी के पद पर काम करने वाले समेत पांच को गिरफ्तार किया। इनसे छह मोबाइल, दो सिमकार्ड, बैंक पास बुक, सात एटीएम कार्ड, क्यूआर कार्ड, दो चेक बुक बरामद कर चालान किया। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। रविवार को एसपी क्राइम अवनीश मिश्र ने बताया कि दिसंबर माह में बैंक ऑफ महाराष्ट्रा की कृष्णा नगर शाखा से हुई करीब एक करोड़ की साइबर ठगी के मामले में प्रकाश में आये शातिरों की साइबर टीम तलाश कर रही थी, तभी रविवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे सटीक सूचना पर प्रभारी निरीक्षक थाना साइबर रफत मजीद ने टीम के साथ बैकुंठ विहार कालोनी, हाइवे में दबिश दे बैंक शातिर नीरज निवासी श्रीनाथ पुरम, हाईवे, मुकुल सिंह निवासी जरैला, औडेल गद्दी, भरतपुर, हाल निवासी बैकुंण्ठ विहार हाईवे, व्रिकान्त कुमार निवासी नगला दादू,डीग, हाल निवासी बैकुण्ठ विहार, हाईवे, पुष्पेन्द्र सिंह उर्फ भूरा निवासी आजाद नगर, कोतवाली और अनिकेत निवासी जनकपुरी, कोतवाली को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से छह मोबाइल, दो सिमकार्ड, बैंक पासबुक, सात एटीएम कार्ड, क्यूआर कार्ड, दो चेक बरामद कर चालान किया है। एसएसपी श्लोक कुमार ने पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम दिया है।संविदा कर्मी नीरज था मास्टर माइंडएसपी क्राइम ने बताया कि आरोपी नीरज बैंक आफ महाराष्ट्र की कृष्णा नगर शाखा में संविदा कर्मी में चपरासी पद पर कार्य करता था। यह वहां अपने काम के साथ ही कम्प्यूटर के बारे में भी परफैक्ट हो गया था। बैंक कर्मी के कुर्सी से किसी काम को उठते ही शातिर नीरज अपने साथी अनिकेत, पुष्पेन्द्र से नये सिम लेने के बाद बैंक कम्पूटर के जनधन खातों के मोबाइल नम्बर बदल नया नम्बर डाल देता था। उसके आधार पर नया एटीएम इश्यू कराता था। इन एटीएम, चेकबुक व अन्य खाते के एक्सेस दे देता था। वह दोनों सहयोगी भरतपुर निवासी मुकुल व विक्रांत को देते थे। ये लोग जयपुर के भीमू चौधरी को दे देते थे। फिर इन खातों में ठगी का पैसा मंगाया जाता था। इसका कमीशन आरोपित नीरज, अनिकेत व पुष्पेंद्र आदि को मिलता था। एसपी क्राइम ने बताया कि गिरोह में अभी कई लोग अन्य लोग प्रकाश में आये है। टीम इनकी भी तलाश कर रही है।जीरो बैलेंस के खुलवाए थे खातेएसपी क्राइम अवनीश मिश्रा ने खुलासा करते हुए बताया कि गांव नगला मेवाती के लोगों ने वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत कृष्णा नगर स्थित बैंक आफ महाराष्ट्र शाखा में जीरो बैलेंस के खाते खुलवाये थे। इनमें काफी खाते बंद हो गये थे, इनमें गुजरात में क्रेन चलाने वाला नगला मेवाती का खाता भी शामिल था। दिसंबर माह में बैंक से रुपये निकालने आया तो उसे पता चला कि उसका खाता फ्रीज हो गया। उसके खाते में साइबर ठगी की रकम आयी है। इसकी शिकायत पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विनोद बाबू मिश्र ने मामले की जांच की तो पता चला कि आधा दर्जन से अधिक खातों से करीब एक करोड़ की रकम निकली है। इस पर पुलिस की ओर से मुकदमा दर्ज की। विवेचना साइबर थाना प्रभारी रफत मजीत ने की।गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार का इनामशातिरों को गिरफ्तार करने वाले प्रभारी निरीक्षक साइबर थाना प्रभारी रफत मजीद, साइबर क्राइम निरीक्षक अमित चौहान, उप निरीक्षक जितेन्द्र सिंह, शरद त्यागी, कपिल कुमार, हैड कांस्टेबल देवेन्द्र कुमार, अनूप कुमार, अभिनव यादव, अजेन्द्र सिंह, कांस्टेबल साइबर टैक्नीकल विवेक कुमार, गोविन्द सिंह, अर्जुन सिंह व विजय सिंह शामिल रहे। एसएसपी श्लोक कुमार ने पुलिस टीम को 25 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
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Author: Vijay Singhal
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