हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। यमुना कार्ययोजना की बैठक में यमुना में व्याप्त गंदगी और दुर्गंध के मुद्दे पर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। महाशिवरात्रि के बाद यमुना के जलस्तर में कमी लाते हुए घाटों का किनारे तली से सिल्ट निकालने का अभियान शुरु किया जाएगा। इसके साथ ही नोडल अधिकारी ने किसी भी सूरत में नालों का ओवर फ्लो रोकने तथा प्रदूषण फैलाने वाली आद्योगिक इकाईयों का निरंतर निरीक्षण करने के निर्देश दिए। यमुना कार्ययोजना के नोडल अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त) डा. पंकज वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में याचिकाकर्ता गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने यमुना में व्याप्त प्रदूषण का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि यमुना में भीषण गंदगी है। दुर्गंध की वजह से यमुना के घाटों पर बैठना भी मुश्किल हो रहा है। यही नहीं टेप किए गए नाले ओवर फ्लो हो रहे हैं। बायो मेडिकल वेस्ट भी राया स्थित केन्द्र पर नहीं पहुंच रहा है। प्रदूषण फैलाने वाले औद्योगिक इकाईयों का शहर में संचालन फिर प्रारंभ हो गया है। चेकिंग के नाम पर खानापूर्ति हो रही है। ध्रुव घाट पर विद्युत शवदाह गृह तैयार है, लेकिन इसका हस्तांतरण नहीं किया गया है। नगर निगम के अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार ने जालियां लगाकर प्रदूषण रोका जा रहा है। महाशिवरात्रि के बाद यमुना से सिल्ट निकालने का अभियान शुरु किया जाएगा। इन मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए नोडल अधिकारी ने निर्माणाधीन नालों के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टेप किए गए नाले किसी भी सूरत में ओवर फ्लो नहीं होने चाहिए। इसके साथ ही नियमित चेकिंग की जाए, ताकि यमुना में प्रदूषित जल न जाए।
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Author: Vijay Singhal
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