• Sun. Feb 8th, 2026

चौमुहा में श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, गोवर्धन लीला और प्रह्लाद प्रसंग ने भक्तों को किया मंत्रमुग्ध

ByVijay Singhal

Feb 6, 2026
Spread the love
हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। जिला मथुरा की छाता विधानसभा क्षेत्र के कस्बा चौमुहा स्थित मदन मोहन गौशाला में चल रही श्रीमद्भागवत कथा इन दिनों श्रद्धा, भक्ति और दिव्यता का अनुपम संगम बनी हुई है। जय श्री कृष्ण दास महाराज जी के निर्देशन में आयोजित इस पावन आयोजन में अंतरराष्ट्रीय संत राधे-राधे बाबूजी की ओजस्वी वाणी सुनने के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। कथा के दौरान संत राधे-राधे बाबूजी ने भक्त प्रह्लाद और भगवान नरसिंह अवतार का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जब अधर्म अपनी सीमा लांघ देता है, तब भगवान स्वयं खंभे से प्रकट होकर अपने भक्त की रक्षा करते हैं। हिरण्यकशिपु के अहंकार के विनाश और प्रह्लाद की अडिग भक्ति का वर्णन सुनकर पूरा पंडाल “नरसिंह भगवान की जय” के जयघोष से गूंज उठा और श्रोता भाव-विभोर हो उठे। इसके साथ ही संतश्री ने गोवर्धन पूजा और गिरिराज लीला का ऐसा मंत्रमुग्ध कर देने वाला वर्णन किया कि श्रद्धालु मानो स्वयं ब्रजभूमि में उस दिव्य क्षण के साक्षी बन गए। उन्होंने बताया कि जब भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के गर्व को चूर करते हुए ब्रजवासियों को कर्मकांड नहीं, बल्कि प्रकृति और सेवा की पूजा का संदेश दिया, तब सात दिन तक गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी अंगुली पर धारण कर समस्त ब्रज की रक्षा की। यह प्रसंग सुनते ही श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और वातावरण “गिरिराज महाराज की जय” से गूंज उठा।
कथा स्थल पर भक्ति, संगीत और श्रद्धा का ऐसा अलौकिक प्रवाह देखने को मिला कि चौमुहा कस्बा पूर्णतः आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आया। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर स्वयं को कृतार्थ महसूस किया। इस अवसर पर जय श्री कृष्ण दास महाराज जी, डॉ. राजवीर सिंह (जिला पंचायत उम्मीदवार), श्री हरि गोपाल शास्त्री, नरेंद्र पूरन सिंह सिसोदिया, राजेश प्रधान जी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए इसे समाज में धर्म, भक्ति और संस्कारों के पुनर्जागरण का माध्यम बताया। आयोजकों ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मानव जीवन को धर्म, करुणा और सेवा के मार्ग पर अग्रसर करना है। आगामी प्रसंगों को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। कस्बा चौमुहा में आयोजित यह श्रीमद्भागवत कथा ब्रज की परंपरा, आस्था और संस्कृति को सजीव रूप में प्रस्तुत कर रही है।
7455095736
Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published.