हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। राल ड्रेन के उफान के कारण मसानी नाले से शहर का गंदा पानी सोमवार को चौथे दिन भी अनवरत सीधे यमुना में गिरता रहा। इससे घाटों पर यमुना जल की स्थिति बेहद खराब हो गई है। तीव्र दुर्गंध श्रद्धालुओं को विचलित करती रही। हालांकि इस मामले पर यमुना कार्य योजना के नोडल अधिकारी एडीएम वित्त योगानंद पांडेय के निर्देश पर सिंचाई और एसटीपी संचालन एजेंसी की संयुक्त टीम इसका कारण जानने के लिए ड्रेन के मुहाने तक पहुंची। देर सायं पानी को बंद करा दिया गया। मध्य रात्रि तक यमुना में गिर रहे नाले के पानी में गिरावट आने की संभावना है। इस बार नए साल के पहले दिन से ही राल ड्रेन उफनकर मसानी नाले के माध्यम से सीधे यमुना में गिर रही है। जनवरी के प्रथम सप्ताह में इससे यमुना की स्थिति बिगड़ने पर हुए हो-हल्ला होने के बाद सिंचाई अधिकारियों ने राल ड्रेन में पानी को काफी हद तक नियंत्रित किया गया लेकिन पूर्ण रूप से पानी नहीं रुक सका। इसी दरम्यान पिछले सप्ताह एक बार फिर बड़ी मात्रा में पानी मसानी नाले से ही यमुना में गिरने लगा। यह स्थिति पिछले तीन दिन से निरंतर जारी है। घाट किनारे दुर्गंध उठ रही है। यमुना के घाटों पर पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु इस स्थिति से बेहद परेशान हो रहे हैं। चौथे दिन भी यमुना के इस हाल को देखते हुए यमुना प्रदूषण पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याची गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने यमुना कार्य योजना के नोडल अधिकारी एडीएम वित्त योगानंद पांडेय को यथास्थिति से अवगत कराते हुए यमुना की वर्तमान हालत पर चिंता जताई। इसके बाद एडीएम वित्त ने सिंचाई अभियंता को इस पर तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए। सहायक अभियंता प्रथम सिंचाई राकेश कुमार और नमामि गंगा के तहत एसटीपी संचालन कर रही एजेंसी त्रिवेणी के इंजीनियर रघु राठौर संयुक्त रूप से इस मामले की पड़ताल के लिए मसानी पंपिंग स्टेशन से राल ड्रेन तक गए। संपूर्ण स्थिति का जायजा लिया और देर सायं पानी को बंद करा दिया।
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Author: Vijay Singhal
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